नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में पानी की समस्या काफी बढ़ गयी है। आम आदमी पार्टी की सरकार के अनुसार दिल्ली में रोजाना 50 मिलियन गैलन पानी की कमी हो रही है। जिसके कारण केवल पानी के एक या दो टैंकर पर ही पूरी कॉलोनी को गुजारा करना पड़ रहा है। दिल्ली का यह जल संकसुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, जहां इसको लेकर कई घंटों तक सुनवाई हुई है।ट
मानवीय आधार पर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) से जल की मांग करें
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार को साफ साफ कहा है कि वे दिल्ली के इस पानी के संकट के लिए अपर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) में मानवीय आधार पर अतिरिक्त पानी की मांग करें। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि राज्यों के बीच यमुना के पानी के बंटवारे का मामला काफी जटिल है। इसमें अंतरिम आधार पर फैसला करने के लिए कोर्ट के पास किसी प्रकार की तकनीकि विशेषज्ञता नहीं है। इसलिए दिल्ली सरकार मानवीय आधार पर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) से जल की मांग करें।
दिल्ली के जल संकट को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी आमने सामने
सुप्रीम कोर्ट ने यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) को 14 जून को मीटिंग करने के लिए कहा है और इस जल संकट के मुद्दे पर जल्द से जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली के जल संकट को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी आमने सामने आ गयी है। जहां आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में जल संकट के लिए टैंकर माफिया को जिम्मेदार बता रही है, वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली की जनता के लिए कहा कि दिल्ली से आम आदमी पार्टी की सरकार को जल्द से जल्द हटाएं।
हिमाचल सरकार ने इस मामले में अपने बयान से पलटी मार ली है
वहीं हिमाचल सरकार ने इस मामले में अपने बयान से पलटी मार ली है और पानी की सप्लाई से मना कर दिया है। जो कि दिल्ली सरकार के लिए एक बड़ा झटका है। हिमाचल सरकार का कहना है कि उनके पास दिल्ली के लिए 137 क्यूसेक अतिरिक्त जल नहीं है। हिमाचल सरकार ने पहले दिल्ली को 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी देने की बात कही थी। लेकिन अब बयान जारी कर हिमाचल सरकार ने 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी देने से मना कर दिया है।
बता दें कि दिल्ली को अपने पडोसी राज्य हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से पानी की आपूर्ति होती है। इसमें से 40 प्रतिशत पानी दिल्ली को यमुना नदी से मिलता है। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से मानवीय अधिकार पर यमुना रिवर बोर्ड (UYRB) से अतिरिक्त पानी की मांग करने को कहा है।
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