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Monday, April 6, 2026
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अग्‍न‍िवीर योजना में हो सकते हैं बड़े बदलाव, मोदी 3.0 सरकार ले सकती है ये अहम फैसले

Agniveer Scheme: वहीं रक्षा मंत्रालय ने भी अग्‍न‍िवीर योजना लागू होने के समय कहा था कि समय समय पर इस योजना का रिव्यू किया जायेगा, अगर इसमें किसी परिवर्तन की आवश्यकता पड़ी तो उसको भी किया जाएगा।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अग्‍न‍िवीर योजना आ जाने के बाद अब भारतीय जवानों की भर्ती इसी स्कीम के तहत होती है। विपक्ष ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बीजेपी को अग्‍न‍िवीर योजना को लेकर घेरा था। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद बीजेपी ने एनडीए की सरकार बनाई। वहीं एनडीए के सहयोगी दलों ने भी सरकार बनने के बाद अग्‍न‍िवीर योजना में बदलाव की मांग की। वहीं रक्षा मंत्रालय ने भी अग्‍न‍िवीर योजना लागू होने के समय कहा था कि समय समय पर इस योजना का रिव्यू किया जायेगा, अगर इसमें किसी परिवर्तन की आवश्यकता पड़ी तो उसको भी किया जाएगा। 

रक्षा मंत्रालय इन डेढ़ साल में इस अग्‍न‍िवीर योजना को रिव्यू कर रही है

जानकारी के अनुसार अग्‍न‍िवीर योजना को लागू हुए डेढ़ साल का समय हो चुका है। रक्षा मंत्रालय इन डेढ़ साल में इस अग्‍न‍िवीर योजना को रिव्यू कर रही है। डिपार्टमेंट ऑफ मिलेट्री अफेयर्स( DMA) ने अग्‍न‍िवीर योजना को लेकर तीनो सेना से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अग्‍न‍िवीर योजना के चार साल के कार्यकाल को बढ़ाने, भर्ती में बढ़ोतरी करने और 25 पर्सेंट रिटेंशन की सीमा को बढ़ाने को लेकर बात चल रही है। इसके साथ ही अगर किसी अग्‍न‍िवीर की ट्रेनिंग या ड्यूटी के दौरान मौत या घायल हो जाता है तो इस स्थिति में परिवार को आर्थिक सहायता देने को लेकर चर्चा हो रही है। 

सेना के सामान्य जवान को साल में 90 दिन की छुट्टी मिलती है

जानकारी के अनुसार रेगुलर सेना के जवानों और अग्‍न‍िवीर की छुट्टियों में हो रहे अंतर में भी बदलाव किया जा सकता है। बता दें कि सेना के सामान्य जवान को साल में 90 दिन की छुट्टी मिलती है। वहीं अग्‍न‍िवीर को केवल 30 दिन की छुट्टी मिलती है। अग्‍न‍िवीर के पहले बैच के कार्यकाल को पूरा होने में अभी ढाई साल का समय बचा है, ऐसे में रक्षा मंत्रालय की यह प्राथमिकता है कि अग्‍न‍िवीर योजना में बदलाव का फायदा इस बैच को भी मिले। इसलिए वे इस बैच के कार्यकाल पूरा होने से पहले नए योजना को लागू करवाना चाहते हैं। 

नेपाल की भी इस योजना को लेकर चल रही नाराजगी दूर हो जाएगी

अग्‍न‍िवीर योजना लागू होने से पहले भारतीय सेना को नेपाल से गोरखा सैनिक आसानी से मिल जाते थे। लेकिन भारतीय मूल के गोरखा सैनिकों में कमी आ रही थी। लेकिन अग्‍न‍िवीर योजना लागू होने के बाद यह आकड़े उल्टा हो गए। अब भारतीय मूल के गोरखा सैनिक आसानी से मिल रहे हैं। लेकिन नेपाली गोरखा सैनिक नहीं मिल रहे हैं। इसका कारण भारत और नेपाल के बीच रिश्तों में आई थोड़ी खटास को भी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार अग्‍न‍िवीर योजना में होने वाले बदलाव से नेपाली गोरखा सैनिक भारतीय सेना में मिलना शुरू हो सकते हैं। इसके साथ ही अग्‍न‍िवीर योजना में बदलाव से नेपाल की भी इस योजना को लेकर चल रही नाराजगी दूर हो जाएगी। अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

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