नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। नीट और नेट के बाद अब यूपी में भी परीक्षा में गड़बड़ी का एक नया मामला सामने आया है। दरअसल प्रयागराज में PCS-J 2022 मेन्स परीक्षा में 50 परीक्षार्थियों की कॉपी बदल दी गई थी। इसकी जानकारी आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दी। जिसके बाद से पब्लिक सर्विस कमिशन पर सवाल उठ रहे हैं। आइये जानते हैं कि योगी सरकार के 7 साल के कार्यकाल में कौन-कौन सी परीक्षाएं रद्द की गई हैं।
24 से ज्यादा परीक्षाएं हुई लीक
सूबे में पिछले 7 सालों में 24 से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षाएं भ्रष्टाचार या पेपर लीक की भेंट चढ़ गई। जिसमें यूपी पुलिस और RO-ARO की परीक्षा प्रमुख है। जिसके बाद से विपक्ष लगातार बीजेपी पर हमलावर है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा है कि 2017 में भाजपा सरकार बनते ही नकल माफिया प्रदेश में हावी हो गए और पेपर लीक अभियान को शुरू कर दिया।
कौन-कौन सी परीक्षाएं हुई लीक-
- 23 अगस्त 2017 को सब इंस्पेक्टर पेपर लीक
- फरवरी 2018 में UPPCL( Power Corporation JE Paper ) पेपर लीक
- अप्रैल 2018 में UP पुलिस का पेपर लीक
- जुलाई 2018 में अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड का पेपर लीक
- अगस्त 2018 में स्वास्थ्य विभाग प्रोन्नत पेपर में भ्रष्टाचार
- सितंबर 2018 में नलकूप आपरेटर पेपर लीक
- 41520 सिपाही भर्ती पेपर लीक
- जुलाई 2020 में 69000 शिक्षक भर्ती पेपर लीक
- अगस्त 2021 बीएड प्रवेश परीक्षा पेपर लीक
- अगस्त 2021 PET पेपर लीक
- अक्टूबर 2021 सहायता प्राप्त स्कूल शिक्षक/प्रधानाचार्य पेपर लीक
- दिसंबर 2021 में UPTET पेपर लीक
- NDA पेपर लीक
- SSC पेपर लीक
- UP पुलिस पेपर लीक
- अधीनस्थ आयोग का पेपर निरस्त
बता दें कि इस लोकसभा चुनाव में पेपर लीक का मुद्दा पूरी तरह से हावी रहा। इसकी वजह से बहुत युवाओं ने बीजेपी की जगह इंडिया गठबंधन को वोट किया। वहीं नीट मामले को लेकर विपक्ष सदन में पूरी तरह से हावी है। वैसे तो इस सरकार के कार्यकाल में बहुत से पेपर लीक हुए लेकिन दो पेपर लीक की घटनाओं ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी।
2021 यूपी टेट पेपर लीक कांड
2021 में यूपी TET का पेपर लीक हो गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की तो उसके होश उड़ गए। बताया जाता है कि मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले के तर्ज पर इस कांड को अंजाम दिया गया था। इसका मास्टरमाइंड संतोष चौरसिया था जो अलग-अलग शहरों में रह रहे अपने लोगों के माध्यम से पेपर आउट कराकर लोगों को व्हाट्सएप पर भेजता था। पुलिस ने जांच में पाया कि इस मामले में प्रयागराज के राहुल मिश्रा और अनुराग शर्मा नाम के लोगों की भी भूमिका थी। टेट का पेपर 40 लाख रुपये में आउट किया गया था।
सिपाही भर्ती पेपर लीक मामला
यूपी में 60244 सिपाहियों की भर्ती के लिए 17 व 18 फरवरी को परीक्षा आयोजित होने वाली थी। तभी पता चला कि पेपर लीक हो गया है। पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था। ये पेपर लखनऊ समेत 4 स्थानों से लीक हुआ था। पुलिस ने जांच में पाया कि इस पेपर को लीक कराने में भोपाल के प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका थी। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।





