नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। Uttar Pradesh सरकार ने Ola और Uber जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को नियमों के दायरे में लाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने मोटरयान समूह व वितरण सेवा प्रदाता नियमावली-2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। सरकार का कहना है कि अब बिना पंजीकरण और लाइसेंस के कोई भी ऐप आधारित टैक्सी सेवा संचालित नहीं हो सकेगी। इन नियमों का मकसद यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और टैक्सी सेवाओं को व्यवस्थित करना है।
30 दिनों में मांगे गए सुझाव और आपत्तियां
राज्य सरकार ने Uttar Pradesh मोटरयान नियमावली-1998 में संशोधन करते हुए नई नियमावली का ड्राफ्ट जारी किया है। इस पर आम लोगों, टैक्सी कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। सरकार का कहना है कि सभी सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा और इसके बाद प्रदेश में चलने वाली सभी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को इन्हीं नियमों के अनुसार काम करना होगा।
बिना रजिस्ट्रेशन टैक्सी चलाना नहीं होगा संभव
नई व्यवस्था के अनुसार कोई भी टैक्सी सेवा बिना रजिस्ट्रेशन, वाहन फिटनेस और चालक के दस्तावेजों के नहीं चल सकेगी। इसके साथ ही चालक का मेडिकल परीक्षण और पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य होगा। यदि कोई सेवा प्रदाता या चालक इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का मानना है कि इससे अवैध टैक्सी सेवाओं पर रोक लगेगी और यात्रियों को सुरक्षित सफर मिलेगा।
बुकिंग कैंसिल करने पर लगेगा जुर्माना
नई नियमावली में यात्रियों की सुविधा के लिए खास प्रावधान किया गया है। अगर कोई चालक बुकिंग स्वीकार करने के बाद बिना किसी वैध कारण के उसे रद्द करता है, तो उस पर किराए का 10 प्रतिशत या अधिकतम 100 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा अगली बुकिंग में यात्री को किराए में कुछ रियायत भी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे बार-बार बुकिंग कैंसिल करने की समस्या कम होगी। सरकार ने टैक्सी चालकों के लिए 40 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य कर दिया है। इसमें ऐप का सही उपयोग, मोटरयान नियम, सुरक्षित ड्राइविंग, यात्रियों से व्यवहार और सड़क दुर्घटना के समय आपात सहायता जैसे विषय शामिल होंगे। अगर किसी चालक की रेटिंग 5 प्रतिशत से कम हो जाती है, तो उसे हर तीन महीने में दोबारा प्रशिक्षण लेना होगा।
चालक बनने के लिए तय किए गए नए नियम
नई नीति के अनुसार टैक्सी चालक बनने के लिए कम से कम दो साल का ड्राइविंग अनुभव जरूरी होगा। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में किसी अपराध में दोषी पाए गए व्यक्ति को चालक बनने की अनुमति नहीं मिलेगी। सभी चालकों का पुलिस द्वारा चरित्र सत्यापन भी अनिवार्य होगा। सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई नियम तय किए हैं। चालक के पास कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा अनिवार्य होगा ऐप में महिला चालक चुनने का विकल्प मिलेगा यात्री लाइव लोकेशन परिवार या दोस्तों के साथ साझा कर सकेंगे
सभी वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम सक्रिय रहेगा
यदि चालक तय रास्ते से हटता है तो कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। नई नीति में प्रदूषण कम करने पर भी जोर दिया गया है। National Capital Region में अब केवल CNG या इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा ही जोड़े जा सकेंगे। चार पहिया हल्के वाणिज्यिक वाहन, हल्के मालवाहक वाहन और दोपहिया श्रेणी में पेट्रोल या डीजल से चलने वाले नए वाहनों को शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी और प्रदेश में साफ-सुथरा परिवहन तंत्र विकसित होगा।




