नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों चीन और जापान के आधिकारिक दौरे पर हैं, जो 29 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरे को लेकर देश-विदेश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है।
अखिलेश यादव कहा कि “जापान से संबंध बनाना जरूरी है और अगर वहां जा रहे हैं तो क्योटो भी होकर आना चाहिए। लेकिन जो चीन हमारे देश की जमीन और बाजार पर कब्जा कर रहा है, उससे चौबीसों घंटे सतर्क रहना जरूरी है।” उन्होंने आगे लिखा कि विदेश नीति को वैश्विक शांति और विकास साझेदारी को बढ़ावा देना चाहिए, न कि टकराव की स्थिति पैदा करनी चाहिए। अखिलेश ने यह भी कहा कि “कोई भी अंतरराष्ट्रीय समझौता देश की सुरक्षा और समृद्धि से समझौता नहीं होना चाहिए।” गौरतलब है कि यह दौरा उस समय हो रहा है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा कर चुके हैं, जिसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जापान में पूर्व प्रधानमंत्रियों से मिले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जापान दौरे के दौरान टोक्यो में देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों योशिहिडे सुगा और फुमियो किशिदा से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी ने उन्हें पारंपरिक जापानी दारुमा गुड़िया भेंट की। यह गुड़िया जापान में संकल्प, आशा और सफलता का प्रतीक मानी जाती है।
पीएम मोदी ने जापान में दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में आयोजित भारत-जापान आर्थिक मंच में भाग लेते हुए तकनीक और नवाचार को लेकर अहम संदेश दिया। इस दौरान उनकी मुलाकात जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से हुई और दोनों नेताओं ने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को लेकर विचार-विमर्श किया। मंच को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जापान टेक्नोलॉजी पावरहाउस है और भारत एक टैलेंट पावरहाउस। दोनों देशों की साझेदारी दुनिया को नई दिशा दे सकती है।” प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में कई साहसिक और दूरदर्शी कदम उठाए हैं।




