नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। जम्मू कश्मीर में 1 नवंबर 2024 की रात आतंकियों ने एक बार फिर गैर कश्मीरियों को अपना निशाना बनाया। आतंकियों ने बडगाम के मजहामा गांव में उत्तर प्रदेश के 2 प्रवासी मजदूरों को गोली मार दी। घायल प्रवासी मजदूर सूफियान और उस्मान को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों प्रवासी मजदूर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं। ये दोनों प्रवासी मजदूर जम्मू-कश्मीर के बडगाम में जल जीवन प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों प्रवासी मजदूरों की हालत स्थिर बताई जा रही है। दोनों का इलाज जारी है।
पिछले 12 दिनों में प्रवासी लोगों पर हमले की यह तीसरी घटना है
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 दिनों में जम्मू-कश्मीर में प्रवासी लोगों को निशाना बनाने की यह तीसरी घटना है। आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में एक प्रोजेक्ट में काम करके वापस लौट रही टीम पर गोलीबारी कर दी थी, जिसने एक डॉक्टर और प्रवासी मजदूरों की जान ले ली थी। इसके बाद आतंकवादियों ने एक और प्रवासी मजदूर को गोली मार दी थी। इसके बाद अब 1 नवंबर 2024 की रात को आतंकवादियों ने अब इस घटना को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार आतंकवादियों की गोली से घायल हुए ये दोनों प्रवासी मजदूर जल जीवन परियोजना में काम कर रहे थे।
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में प्रवासी मजदूरों पर फायरिंग की घटना के बाद सेना ने अपना सर्च ऑपरेशन जारी कर दिया। सेना ने स्थानीय सुरक्षाबलों के साथ मिलकर पूरे इलाके की घेराबंदी की हुई है।
पाकिस्तान का इसके पीछे का मकसद
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान इस तरह टारगेट किलिंग से कश्मीर में अशांति फैलाने की नई साजिश रच रहा है। पाकिस्तान का इसके पीछे का मकसद, आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास की योजनाओं को सफल होने से रोकना है। जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद से टारगेट किलिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। जिसमे कश्मीरी पंडितों, प्रवासी कामगारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।




