नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश की कुंभ नगरी प्रयागराज में इन दिनों महाकुंभ की तैयारियों जोर-शोर के साथ चल रही हैं। ये महाकुंभ मेला 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा। जिसमें कि किसी भी श्रद्धालू को कोई पेरशानी न हो, इसकी यहां सभी व्यवस्थाएं अभी जुटाई जा रही हैं। यहां व्यवस्था के नजरिए से पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिन्हें तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए तैनात किया जाएगा। अब मुख्यमंत्री योगी बाबा के निर्देश पर सभी प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में, पुलिस कर्मियों को सात्विक भोजन और शराब से परहेज करने के लिए कहा जाता है।
“हमारा उद्देश्य भक्तों को सुखद अनुभव प्रदान करना”
इस संबंध में जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ) राजेश द्विवेदी से सोमवार बात की गई तो उन्होंने बताया कि सुरक्षा बनाए रखने के अलावा, पुलिस का प्राथमिक ध्यान तीर्थयात्रियों के लिए स्वागत योग्य माहौल बनाना है। हमारा उद्देश्य भक्तों को सुखद अनुभव प्रदान करना है और पुलिस सौहार्दपूर्ण ढंग से काम करे, इसके लिए उन्हें अभी से प्रशिक्षण दिया जा रहा है । हमारा प्रयास रहेगा कि पुलिस कर्मी न केवल कानून लागू करने वाले के रूप में बल्कि आस्था के सेवक के रूप में भी अपना यहां शत प्रतिशत योगदान देवें । जिन पुलिस कर्मियों को महाकुंभ में तैनात किया जाएगा, वे मेला क्षेत्र में एक निर्दिष्ट सुविधा पर व्यवहार-केंद्रित प्रशिक्षण ले रहे हैं। शिष्टाचार और सार्वजनिक सेवा का पाठ पढ़ाने के लिए बाहरी प्रशिक्षकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 1500 पुलिसकर्मी प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। मेला शुरू होने तक 40,000 कर्मी प्रशिक्षण पूरा कर लेंगे।
प्रशिक्षण में साइबर अपराध की रोकथाम जैसे विषय भी शामिल होंगे
इस दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी अतुल कुमार सिंह का कहना था कि 21 दिवसीय मॉड्यूल के बाद 700 पुलिसकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है. मेले के दौरान तैनात किये जाने वाले मथुरा के हेड कांस्टेबल सतीश कुमार यादव ने प्रशिक्षण की सराहना की है । इनका कहना है कि एक पुलिस वाले से सख्त होने या बने रहने अथवा दिखने की उम्मीद की जाती है, जबकि इसे विपरीत मैंने विनम्र व्यवहार के महत्व को यहां अपने इस प्रशिक्षण कार्यकाल के दौरान सीखा है । वहीं इस बात के लिए भी भारी मेहनत की गई कि कैसे हम सीधे संकट के समय में भक्तों की मदद कर सकते हैं । उन्होंने साथ में यह भी बताया कि प्रशिक्षण में साइबर अपराध की रोकथाम जैसे विषय भी शामिल थे।





