नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ गए है। इन राज्यों में मानसून अब भयंकर तबाही मचा रहा है। असम, मणिपुर, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण भीषण तबाही मची है। मौसम विभाग ने 6 जून तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस कारण फिलहाल कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इस आपदा में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग प्रभावित होकर बेघर हो गए हैं। कई गांव पानी में डूब गए हैं। सड़कें, पुल और बिजली की लाइनें टूट गई हैं।
असम में हालात बुरे
बारिश के चलते सबसे ज्यादा बुरा हाल असम का है। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार तक 15 जिलों में 78,000 से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित थे। ब्रह्मपुत्र समेत 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गुवाहाटी में भूस्खलन से बड़ा नुकसान हुआ है। यहा पर पांच लोग जान गंवा चुके है। लखीमपुर के घुनासुटी इलाके में बाढ़ ने कई गांवों को डुबो दिया। असम के मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने पीड़ितों के लिए 4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया।
मणिपुर और सिक्किम में लगातार बारिश
मणिपुर और सिक्किम में भी लगातार बारिश के चलते हालात खराब बने हुए हैं। मणिपुर में इंफाल शहर पानी में डूब गया है। यहां 31 मई से लगातार बारिश हो रही है। इंफाल नदी और नंबुल नदी खतरे के निशान से ऊपर हैं। 3800 से ज्यादा लोग प्रभावित और 883 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सुरक्षा बलों ने कई लोगों को सुरक्षित निकाला है। मंगन जिले में तीस्ता नदी में एक गाड़ी बह गई। इसमें 8 लोग लापता हैं और 1 की मौत हो गई।
अरुणाचल प्रदेश में 9 की मौत
अरुणाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड कहर बरपा रही है। यहां पर बाढ़ से 9 लोग जान गंवा चुके है। रविवार को भारतीय वायु सेना ने बोमजीर नदी में फंसे 14 लोगों को सुरक्षिता बचाया। जबकि 7 लोग मारे गए। भूस्खलन से कई सड़कें बंद हैं। गांव मुख्य क्षेत्र से कट गए हैं।
मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा की तबाही
इस आपदा के चलते मेघालय में 6 लोगों की मौत हो गई। मिजोरम में भी 6 लोग मारे गए। मिजोरम में एक होटल भूस्खलन से तबाह हो गया। इसमें 3 म्यांमार के नागरिक मारे गए। सीएम माणिक साहा ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का निर्देश दिया। 4 जून तक भारी बारिश की चेतावनी है।
एक्शन में केंद्र सरकार
इस तबाही के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी एक्शन मूड में नजर आए। उन्होने रविवार को असम, मणिपुर, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की। उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया। शाह ने कहा कि मोदी सरकार पूर्वोत्तर के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत और बचाव कार्य तेज किए गए हैं। सेना और आपदा प्रबंधन टीमें काम कर रही हैं।
राहत की उम्मीद नहीं
मौसम विभाग ने 6 जून तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। 1 से 5 जून तक तेज बारिश, तूफान और बिजली गिरने का अनुमान है। 5 और 6 जून को बारिश कम हो सकती है। लेकिन सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।





