नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक नई पेंशन योजना का विकल्प दिया है, जिसके तहत वे अब नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से हटकर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल हो सकते हैं। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2025 से प्रभाव में आ गई है।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम एक अंशदान आधारित योजना है, जिसमें कर्मचारी और सरकार दोनों नियमित रूप से पैसा जमा करते हैं। इसके अंतर्गत रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को हर महीने एक निश्चित पेंशन मिलेगी, जो उनकी सेवा अवधि के दौरान मिले औसत वेतन पर निर्भर होगी। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) दोनों ही पेंशन योजनाएं हैं, लेकिन इनकी प्रकृति और लाभों में महत्वपूर्ण अंतर है।
1. निवेश का आधार :-
NPS बाजार आधारित योजना है, जिसमें रिटर्न शेयर बाजार और बॉन्ड्स के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। इसलिए इसमें जोखिम अपेक्षाकृत अधिक होता है। वहीं UPS एक सुनिश्चित लाभ योजना है, जिसमें आपको रिटायरमेंट के बाद गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है, जिससे जोखिम कम होता है।
2. पेंशन की राशि :-
NPS में पेंशन की राशि इस पर निर्भर करती है कि आपने कितना निवेश किया और बाजार ने कैसा प्रदर्शन किया। UPS में कम से कम 10,000 रुपये की मासिक पेंशन की गारंटी है, बशर्ते कर्मचारी ने कम से कम 10 साल तक सेवा की हो।
3. योगदान और लाभ :-
UPS में कर्मचारियों को 14% तक टैक्स-फ्री योगदान का लाभ मिलता है। इसके अलावा सरकार 8.5% का अतिरिक्त योगदान भी देगी। बता दें कि एक बार यदि कोई कर्मचारी UPS चुनता है, तो वह दोबारा NPS में नहीं लौट सकता।
UPS के तहत पेंशन की गणना कैसे होगी?
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में पेंशन की राशि कर्मचारी के अंतिम वेतन और सेवा अवधि पर आधारित होगी। नीचे इसके प्रमुख बिंदु दिए गए हैं :-
1. पेंशन की गणना का आधार :-
कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से ठीक पहले के 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% मासिक पेंशन के रूप में दिया जाएगा।
2. सेवा अवधि के अनुसार लाभ :-
25 वर्षों या उससे अधिक सेवा पर पूरी गारंटीड पेंशन (उपरोक्त अनुसार 50% नियम से) दी जाएगी। 10 से 25 वर्ष की सेवा पर आनुपातिक पेंशन मिलेगी, लेकिन न्यूनतम 10,000 रुपये प्रति माह की गारंटी होगी।
3. स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) :-
यदि कोई कर्मचारी स्वेच्छा से सेवा छोड़ता है, तो उसकी पेंशन उसकी निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु से शुरू होगी, न कि VRS की तिथि से।
कर्मचारी का योगदान- मूल वेतन + महंगाई भत्ता (डीए) का 10 फीसदी
सरकार का योगदान- मूल वेतन + डीए का 10 फीसदी + 8.5 फीसदी अतिरिक्त (कुल 18.5%)
NPS से UPS में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया
केंद्र सरकार के कर्मचारी अब नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में स्थानांतरित हो सकते हैं। इसके लिए दो तरीके उपलब्ध हैं :- ऑनलाइन और ऑफलाइन।
1. ऑनलाइन प्रक्रिया :-
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं : https://www.npscra.nsdl.co.in/ups.php
– ‘UPS Migration’ पेज पर क्लिक करें।
– UPS को चुनें और मांगे गए सभी जरूरी विवरण भरें।
– फॉर्म को सबमिट करें और सबमिशन की पुष्टि प्राप्त करें।
2. ऑफलाइन प्रक्रिया :-
– UPS माइग्रेशन फॉर्म प्राप्त करें (यह फॉर्म संबंधित विभाग या कार्यालय से मिलेगा)।
– आवश्यक जानकारी सही-सही भरें।
– भरे हुए फॉर्म को अपने विभाग के संबंधित सरकारी कार्यालय में जमा करें।




