नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने पर करीब दस घंटे लंबी विशेष चर्चा शुरू हुई। इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। पीएम मोदी के भाषण के बाद कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।
PM मोदी का कांग्रेस पर हमला, प्रियंका गांधी का पलटवार
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि पिछली सदी में वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात हुआ मुस्लिम लीग ने 1937 में इसका विरोध किया कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम् के कुछ हिस्सों की समीक्षा करवाई उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेहरू ने जिन्ना के विरोध की निंदा नहीं की पीएम मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् को विवादों में घसीटा गया और कांग्रेस इसके लिए जिम्मेदार है।
प्रियंका गांधी का पलटवार: “जितने साल मोदी पीएम, उतने साल नेहरू जेल में रहे” प्रियंका गांधी ने नेहरू पर हो रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा, “हमारे प्रधानमंत्री 12 साल से सत्ता में हैं, और लगभग उतने ही साल पंडित नेहरू ने देश की आज़ादी के लिए जेल में बिताए। इसके बाद वे 17 साल तक प्रधानमंत्री भी रहे। उन्होंने बीजेपी से कहा, “नेहरू के अपमान की सारी बातें एक लिस्ट में बना लो, फिर जितनी देर चाहो बहस कर लेना। लेकिन देश की असली समस्याओं पर भी बात करो।
BJP पर प्रचार की राजनीति का आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी का शासन चुनाव से चुनाव तक का है उनका शासन प्रचार पर आधारित है, जनहित पर नहीं उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी जैसे मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी ने कहा, वंदे मातरम् का स्वरूप संविधान सभा ने स्वीकार किया है इस पर सवाल उठाना गांधी, टैगोर, आज़ाद और अंबेडकर जैसे महान नेताओं का अपमान है वंदे मातरम् देश के कण-कण में बसा हुआ है, इस पर बहस की जरूरत ही नहीं है। प्रियंका गांधी ने कहा, आज पीएम मोदी पहले जैसे आत्मविश्वासी नहीं रहे उनकी नीतियां देश को कमजोर कर रही हैं सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण देश के लिए नुकसानदायक है उन्होंने तंज कसते हुए कहा,“पीएम मोदी भाषण अच्छा देते हैं, लेकिन थोड़ा ज्यादा लंबा। प्रियंका गांधी ने कहा कि इस बहस के पीछे सरकार की दो बड़ी राजनीतिक वजहें हैं बंगाल चुनाव, जिसमें पीएम मोदी अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं आजादी के सेनानियों पर नए सवाल खड़े करना उन्होंने कहा कि सरकार जनता का ध्यान बेरोजगारी, महंगाई जैसे असली मुद्दों से भटका रही है।





