नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 25 नवंबर को अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। यह ऐतिहासिक अवसर मंदिर निर्माण कार्य की पूर्णता का प्रतीक होगा। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस तिथि को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा फहराया जाने वाला धर्मध्वज हिंदू परंपरा में पवित्रता और आस्था का प्रतीक है। यह पूरे देश और विश्वभर के श्रद्धालुओं को इस संदेश के रूप में होगा कि रामलला का भव्य मंदिर अब पूरी तरह तैयार है। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद मंदिर परिसर को आम भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।
मिश्रा ने कहा कि आने वाले महीने से मंदिर परिसर की भव्यता और आध्यात्मिक आभा अपने चरम पर होगी। 2022 में शुरू हुई निर्माण यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। बीते वर्ष संपन्न प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद अब यह ध्वजारोहण समारोह राम मंदिर की पूर्णता और वैभव का प्रतीक बनेगा।
धर्मध्वज फहराकर देंगे संदेश
25 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा फहराया जाने वाला धर्मध्वज (ध्वजारोहण) हिंदू परंपरा का अत्यंत पवित्र प्रतीक है। यह इस बात का प्रतीक होगा कि राम मंदिर अब अपने संपूर्ण स्वरूप में तैयार है। यह ध्वज न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे देश और दुनिया भर में बसे करोड़ों रामभक्तों के लिए गौरव और श्रद्धा का संदेश लेकर जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा पूरा परिसर
ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद मंदिर परिसर को आम श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। भवन निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि 25 नवंबर के बाद श्रद्धालु परकोटे के मंदिरों, शेषावतार मंदिर, कुबेर टीला, सप्त मंडपम और अन्य पवित्र स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है।
पंचवटी का निर्माण और वाटिका का विकास अंतिम चरण में
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि पंचवटी का निर्माण कार्य भी 25 नवंबर से पहले पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही राम मंदिर परिसर में हरियाली और सौंदर्य बढ़ाने के लिए अब तक 750 से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं। उद्यान और वाटिका का विकास कार्य भी अंतिम चरण में है। आने वाले महीने से मंदिर परिसर की भव्यता, हरियाली और आध्यात्मिक आभा अपनी पूर्ण चमक में दिखाई देगी।
चरणबद्ध तरीके से हुई निर्माण प्रक्रिया
राम मंदिर का निर्माण कार्य 2022 में भूतल निर्माण से शुरू हुआ था। इसके बाद धीरे-धीरे गर्भगृह, शिखर और परकोटे के कार्य पूरे किए गए। जनवरी 2024 में संपन्न प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद अब 25 नवंबर का ध्वजारोहण कार्यक्रम मंदिर निर्माण यात्रा का अंतिम पड़ाव होगा। यह आयोजन भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनकर इतिहास में दर्ज होगा।
अयोध्या में उमड़ने लगी श्रद्धा की लहर
राम मंदिर में ध्वजारोहण की खबर फैलते ही देशभर से श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है। अयोध्या में आवास, यातायात और सुरक्षा की तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर नगरी को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। सरयू तट से लेकर रामपथ तक रोशनी और सजावट की विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं।
रामलला के दरबार में फिर बजेगा विजय का बिगुल
तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, यह कार्यक्रम मंदिर निर्माण की पूर्णता और भक्तिभाव की विजय यात्रा का प्रतीक होगा। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि, प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण से यह संदेश जाएगा कि रामलला का भव्य मंदिर अब श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है। अयोध्या आने वाले हर भक्त को अब एक भव्य, पवित्र और दिव्य अनुभव मिलेगा।इस आयोजन के साथ अयोध्या में एक नए युग का शुभारंभ होगा जहां श्रद्धा, संस्कृति और समरसता का संगम एक बार फिर पूरे भारत को जोड़ देगा।




