नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना (PMMVY) में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। जांच में पता चला है कि योजना के तहत 96 लाख रुपये से अधिक की राशि 1000 से ज्यादा फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। मामला सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना?
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का उद्देश्य गरीब, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण सहायता देना है। इस योजना के तहत सरकार तय रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजती है।
आंतरिक ऑडिट में हुआ बड़ा खुलासा
यह घोटाला तब सामने आया जब ICDS विभाग की ओर से कराए गए आंतरिक ऑडिट में लाभार्थियों की सूची और बैंक खातों का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि कई लाभार्थियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते बनाए गए थे और उन्हीं खातों में सरकारी पैसा भेज दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि बड़ी संख्या में लाभार्थियों का डेटा और बैंक विवरण एक ही IP एड्रेस या सिस्टम से अपलोड किया गया। इससे किसी संगठित गिरोह या सुनियोजित साजिश की आशंका और गहरी हो गई है।
विभागीय कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह में
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, गड़बड़ी सीधे DBT भुगतान में हुई है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह किसी बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का मामला हो सकता है या फिर इसमें विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत शामिल हो सकती है इस घोटाले ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब तक की जांच में सदर ब्लॉक में सबसे ज्यादा अनियमितताएं सामने आई हैं। यहीं सबसे अधिक फर्जी बैंकखाते पाए गए हैं, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि घोटाले का मुख्य केंद्र यही क्षेत्र रहा है।





