नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री Narendra Modi इन दिनों पांच देशों के दौरे पर हैं। अपने इटली दौरे के दौरान उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni को भारत की मशहूर ‘Parle Melody’ चॉकलेट गिफ्ट की। पीएम मोदी के इस खास गिफ्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोग Melody टॉफी के इतिहास के बारे में जानने लगे।
जॉर्जिया मेलोनी ने क्या कहा?
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करते हुए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उनके लिए भारत की मशहूर Melody टॉफी लेकर आए हैं। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर मीम्स और मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
कब लॉन्च हुई थी Parle की Melody?
Parle Products ने Melody टॉफी को साल 1983 में लॉन्च किया था। 1980 और 90 के दशक में यह टॉफी बच्चों और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो गई थी। इसकी खास पहचान बाहर की मीठी कैरेमल लेयर और अंदर भरी चॉकलेटी क्रीम रही है। एक समय यह टॉफी सिर्फ 50 पैसे में मिलती थी, जबकि आज भी यह देशभर की दुकानों पर करीब 1 रुपये में आसानी से मिल जाती है।
‘Melody इतनी चॉकलेटी क्यों है?’ बना सुपरहिट स्लोगन
90 के दशक में Melody का विज्ञापन टीवी पर खूब लोकप्रिय हुआ था। इसका मशहूर स्लोगन था “Melody इतनी चॉकलेटी क्यों है? यह टैगलाइन इतनी हिट हुई कि लोग रोजमर्रा की बातचीत में भी इसका इस्तेमाल करने लगे। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने आज तक इसका जवाब नहीं दिया और यही इसकी सबसे बड़ी मार्केटिंग ताकत बन गई।
कैसे शुरू हुआ था Parle का सफर?
Parle Products की शुरुआत साल 1929 में मुंबई के विले पार्ले इलाके में हुई थी। कंपनी की स्थापना मोहनलाल चौहान और उनके परिवार ने की थी। शुरुआत में सिर्फ 12 लोगों के साथ बेकरी का काम शुरू हुआ था। इसके बाद 1939 में कंपनी ने बिस्कुट बनाना शुरू किया और Parle-G देश का सबसे लोकप्रिय बिस्कुट बन गया। बाद में Melody, Mango Bite और कई दूसरी कैंडी भी बाजार में उतारी गईं।
आज हजारों करोड़ की कंपनी बन चुकी है Parle
करीब 60 हजार रुपये से शुरू हुई Parle आज भारत की सबसे बड़ी फूड कंपनियों में शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी की वैल्यू अब 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है।





