नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी INDIA गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। दावा किया जा रहा है कि गठबंधन से जुड़े कई सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की या जानबूझकर अपने वोट खराब कर दिए। इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन की जीत में अप्रत्याशित समर्थन देखने को मिला। शिवसेना (शिंदे गुट) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उद्धव ठाकरे गुट के 5 सांसद उनके संपर्क में थे और उन्होंने एनडीए उम्मीदवार को वोट दिया।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि “शरद पवार गुट के कुछ सांसदों ने भी एनडीए को वोट दिया है। कुल कितने लोगों ने हमें वोट दिया, इसका आंकड़ा स्पष्ट नहीं है, लेकिन विपक्ष के पास 324 वोट होने के बावजूद उसे केवल 300 वोट ही मिले।” उन्होंने आगे कहा कि “अब विपक्ष को चुनाव के बाद ‘वोट चोरी’ की शिकायत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि आंकड़े सब कुछ कह रहे हैं।”
संजय निरुपम ने विपक्ष पर उठाए सवाल
संजय निरुपम ने उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को लेकर कहा कि “सुबह से विपक्ष के कुछ नेता जोर-शोर से दावे कर रहे थे कि एनडीए के वोट बिखर जाएंगे, लेकिन मतदान के बाद एनडीए को अपनी संख्याबल से ज्यादा वोट मिले।” निरुपम ने आगे कहा कि “एनडीए को 16 अतिरिक्त मत मिले, जबकि 15 वोट रद्द हुए या कई सांसद मतदान में अनुपस्थित रहे। इसके अलावा, वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) ने भी एनडीए को समर्थन दिया। अब यह सवाल उठता है कि ये 16 अतिरिक्त वोट किसके हैं।”
क्या बोले संजय राउत ?
उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि उन्हें अपने सभी 315 वोट मिले हैं। संजय राउत ने बताया कि “हमारा आंकड़ा 315 था और हमें उतने ही वोट मिले। 15 वोट रद्द हुए, जिनके कारण मुझे पता नहीं हैं।” चुनाव परिणाम के अनुसार, NDA के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को कुल 452 वोट प्राप्त हुए, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। कुल 781 सदस्यों में से 767 ने मतदान किया था, जिनमें से 15 वोट अवैध करार दिए गए। विपक्ष का अनुमान था कि सुदर्शन रेड्डी को कम से कम 320 वोट मिलेंगे, लेकिन 300 वोटों तक सीमित रहना इंडिया गठबंधन के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। वहीं, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने भी दावा किया कि लगभग 40 विपक्षी सांसदों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में वोट किया।





