नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पंजाब और कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर हमले किए, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। भारत ने ये कार्रवाई 1971 युद्ध के बाद पहली बार पाकिस्तान की जमीन के अंदर जाकर की, जिससे दुश्मनों को बड़ा झटका लगा।
मिसाइल हमले का जवाब – पाकिस्तान के एयरबेस पर बमबारी
भारत पर हुए मिसाइल हमले का भी सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के 10 हवाई अड्डों पर बमबारी की गई, जिससे उसकी वायुसेना और सैन्य तैयारी बुरी तरह प्रभावित हुई। यह पूरी कार्रवाई इतनी तेज़ और सटीक थी कि पाकिस्तानी सेना जंग में उतरने से पहले ही पीछे हट गई।
उमर अब्दुल्ला ने जताई चिंता – कश्मीर को हुआ बड़ा नुकसान
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस पूरी घटना पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि आतंकी हमले और उसके बाद की कार्रवाई से कश्मीर को पर्यटन और अर्थव्यवस्था में भारी नुकसान हुआ है। घाटी में पर्यटक लौटने लगे थे, होटल और बाजारों में रौनक थी, स्कूल खुल गए थे और एयरपोर्ट से हर दिन 50-60 फ्लाइट्स उड़ान भर रही थीं। लेकिन अब सब कुछ ठप हो गया है,” – उमर अब्दुल्ला। उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति की किसी को उम्मीद नहीं थी, लेकिन अब घाटी फिर से वीरान हो गई है।
पाकिस्तान ने किया कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण
हालांकि सैन्य मोर्चे पर पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी, लेकिन उसने इस पूरी स्थिति का कूटनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की। उसने पहलगाम हमले और भारत के जवाबी ऑपरेशन को आधार बनाकर कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया। मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थता की पेशकश की, लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि कश्मीर एक आंतरिक मामला है और किसी तीसरे पक्ष की दखल मंजूर नहीं है। उमर अब्दुल्ला के अनुसार, बीते तीन-चार हफ्तों में कश्मीर की स्थिति पूरी तरह बदल गई है। शांति, विकास और उम्मीद का माहौल एक झटके में गायब हो गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब फिर से कश्मीर को सामान्य स्थिति में लाना सरकार और जनता दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।




