नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मोदी कैबिनेट ने 12 दिसंबर 2024 को वन नेशन वन इलेक्शन को अपनी मंजूरी दे दी है। अब मोदी सरकार इसको जल्द ही संसद में पेश कर सकती है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सरकार इस विधेयक को इसी शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। बता दें कि वन नेशन वन इलेक्शन के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने इस रिपोर्ट को हाल में ही मोदी सरकार को सौंपा था।
वन नेशन वन इलेक्शन को जल्द संसद में पेश कर सकती है सरकार
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में बनी कमेटी की वन नेशन वन इलेक्शन के लिए जारी की गई रिपोर्ट के बाद अब केंद्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में इसको अपनी मंजूरी दे दी है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सरकार संसद में इसपर सभी पार्टियों से सुझाव लेने के लिए जेपीसी(Joint Parliamentary Committee)का गठन भी कर सकती है।
बता दें कि मोदी सरकार इस कानून को देशभर में समय-समय पर होने वाले चुनावों को एकसाथ करवाने के उद्देश्य से ला रही है। अगर मोदी सरकार इस कानून ( वन नेशन वन इलेक्शन) को लाने में सफल हो जाती है तो इसके जरिए अलग-अलग चुनावों पर बार-बार होने वाले खर्चे से बचा जा सकेगा। लेकिन विपक्ष देशभर में एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में नहीं है।
वन नेशन वन इलेक्शन को लागू करना इतना आसान नहीं
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सरकार के लिए वन नेशन वन इलेक्शन को लागू करना इतना आसान नहीं है, क्योंकि इसके लिए मोदी सरकार को संविधान में संशोधन करने के लिए कम से कम छह विधेयक लाने होंगे। लेकिन इसके लिए मोदी सरकार को संसद में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत पड़ेगी। बता दें कि राज्यसभा में NDA के पास 112 और विपक्ष के पास 85 सीटें हैं। मोदी सरकार को राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता पड़ेगी, जिसके हिसाब से उसे 164 वोटों की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह से लोकसभा में NDA के पास 292 सीटें हैं और मोदी सरकार को लोकसभा में दो-तिहाई के आकड़े को पूरा करने के लिए 364 सीटों की आवश्यकता होगी।





