नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन हम सबको आगे बढ़ने की प्रेणना देता है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि हमें कभी भी अपने जीवन के संघर्ष से घबराना नहीं चाहिए। बल्कि कठोर परिश्रम और लगन से कम संसाधनों में भी अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है। आज 27 जुलाई को पूर् राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि है। इस दिन को उन्हें याद करते हुए उनकी पुण्यतिथि मनाई जाती है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को भारतीय मिसाइल प्रोग्राम के जनक, मिसाइल मैन और पीपुल्स प्रेसिडेंट के नाम से भी जाना जाता है। व
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का बचपन आर्थिक तंगी में गुजरा था
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 तमिलनाडु के रामेश्वरम के एक गांव में हुआ था। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का पूरा नाम अबुल पक्कीर जैनुलआबेदीन अब्दुल कलाम था। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का बचपन आर्थिक तंगी में गुजरा था। उनके पिता मछुआरों को बोट किराए पर दिया करते थे और उस किराए के पैसो से अपना घर चलाया करते थे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम 5 भाई और 5 बहनें थे। उनके पिता की कमाई से घर का खर्चा बड़ी मुश्किल से चला करता था। जिसके कारण पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और उनके भाई बहनों को भी दो वक़्त की रोटी बड़ी मुश्किल से मिल पाती थी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अपने भाई बहनों में सबसे छोटे थे। उन्होंने अपने पिता की आर्थिक मदद के लिए बचपन में रोजाना सुबह अखबार भी बेचे थे।
मद्रास इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने अपनी आरंभिक शिक्षा रामनाथपुरम के श्वार्ट्ज स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ कॉलेज से वर्ष 1954 में फिजिक्स में स्नातक की। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने मद्रास इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की थी।
उन्हें मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने पायलट बनने का सपना देखा था और इसके लिए मेहनत भी की थी। लेकिन उनकी किस्मत में कुछ और ही लिखा था। इसके बाद उन्होंने भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में अहम पदों अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। उनके योगदान के कारण ही उन्हें मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है।
उनके जीवन के संघर्ष से हम सभी को प्रेणना मिलती है
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अपनी मेहनत और लगन के बल पर भारत के 11वें राष्ट्रपति बने। उनके जीवन के संघर्ष से हम सभी को प्रेणना मिलती है। वे भारत के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जो वैज्ञानिक थे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को वर्ष 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण, 1997 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का IIT गुवाहटी में विधार्थियों को संबोधन करने के दौरान 27 जुलाई 2015 को कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था। हम सभी भारतीयों को अपने प्रिय पूर्व राष्ट्रपति पर गर्व है।
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