नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ऑडिट पैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दिल्ली भाजपा नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण कई लोगों की जान चली गई है और इन मौतों के लिए अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट केजरीवाल को जवाबदेह ठहराएगा और उनके द्वारा किए गए अपराध के लिए उन्हें सजा देगा। पात्रा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार राष्ट्रीय राजधानी में कोविड की दूसरी लहर के प्रबंधन में पूरी तरह से विफल रही है। उन्होंने कहा, अरविंद केजरीवाल का काम सिर्फ एक फॉर्मूला 100 फीसदी विज्ञापन और शून्य फीसदी कोविड प्रबंधन पर होता है। केजरीवाल ने केवल विज्ञापन पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने ऑक्सीजन की कमी के बारे में चार बार झूठ बोला है। उक्त रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली सरकार ने कोविड की दूसरी लहर के चरम के दौरान अपनी ऑक्सीजन की मांग को चार गुना बढ़ा दिया, जिससे 12 राज्यों को आपूर्ति प्रभावित हुई। पात्रा ने कहा, केजरीवाल के झूठ के कारण दिल्ली की मांग को पूरा करने के लिए 12 राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम कर दी गई थी। अगर इस ऑक्सीजन का इस्तेमाल दूसरे राज्यों में किया जाता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। यह केजरीवाल द्वारा किया गया जघन्य अपराध है। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि रिपोर्ट ने खुलासा किया कि केजरीवाल केंद्र सरकार को बदनाम करने के लिए ऑक्सीजन की जरूरतों पर राजनीति कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने ऑक्सीजन की मांग को चार गुना बढ़ा दिया। वहीं केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, इसका क्या जवाब है केजरीवाल जी? सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उप-समिति की रिपोर्ट बताती है कि कैसे दिल्ली सरकार कोरोना संकट के प्रबंधन में पूरी तरह विफल साबित हुई। निर्धारित मानदंडों के साथ बदलाव करके ऑक्सजीन जरूरत की गलत गणना भारत की कोविड के खिलाफ लड़ाई को बदनाम करने के मकसद का सुझाव देता है। –आईएएनएस एचके/आरजेएस




