नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आरजी कर कॉलेज और अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। जिसके विरोध में पूरे देश में डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। वहीं बड़ी मुश्किल से वेस्ट बंगाल जूनियर डाक्टर्स ने ममता बनर्जी सरकार के आश्वासन के बाद इस घटना को लेकर अपनी हड़ताल वापस ले ली थी। लेकिन पश्चिम बंगाल में जूनियर डाक्टर्स की हड़ताल खत्म होने के 10 दिन बाद उन्होंने 29 सितंबर 2024 को राज्य में मशाल जुलूस निकाला। जिसमे पश्चिम बंगाल के सभी जूनियर डॉक्टर शामिल हुए थे।
सरकार वादे के बाद भी हम लोगों को सुरक्षा देने में असफल रही है
पश्चिम बंगाल के जूनियर डाक्टरों ने 30 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली(आरजी कर कॉलेज और अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या मामले में) सुनवाई के बाद राज्य में फिर से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे डाली है। 29 सितंबर 2024 को पश्चिम बंगाल में मशाल जुलूस के दौरान आरजी कर कॉलेज और अस्पताल की डॉक्टर श्रेया शॉ ने कहा कि हम लोगों की शुरू से ही एक ही तरह की मांग रही है। सभी जूनियर डाक्टरों की 5 मांगे हैं, जिसको अभी तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी डाक्टरों की सुरक्षा को लेकर वादा किया था, लेकिन इसके बावजूद भी कोलकाता के कॉलेज ऑफ मेडिसिन और सागर दत्ता अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद 3 डॉक्टरों और 3 नर्सों पर हमला किया गया। पश्चिम बंगाल सरकार अपने वादे के बाद भी हम लोगों को सुरक्षा देने में असफल रही है।
हमारा आगे का फैसला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ऊपर निर्भर करेगा
आर.जी. कर कॉलेज एवं अस्पताल के एक और जूनियर डॉक्टर अनिकेत महतो ने भी कहा कि हम लोगों का पूरा ध्यान सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है और हम अपना दवाब बनाएं रखेंगे। हमारा आगे का फैसला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ऊपर निर्भर करेगा, अगर सुप्रीम कोर्ट का सकारात्मक फैसला आता है तो हम अपनी हड़ताल को लेकर पुनर्विचार करेंगे, नहीं तो हम राज्य में अपनी हड़ताल को फिर से शुरू करने का रास्ता अपनाएंगे और 2 अक्टूबर 2024 को राज्य में एक विशाल रैली करेंगे।




