नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में वोटिंग हो रही है। DUSU के चुनाव में BJP के छात्र संगठन ABVP और कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के बीच हर बार की तरह इस बार भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। दोनों छात्र संगठनों के उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। इसी बीच दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक कठोर कार्रवाई की है। दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट ने वोटों की गिनती पर रोक लगा दी है।
क्या है मामला?
दिल्ली विश्वविद्यालय DU में कुल 91 कॉलेज हैं। जब DUSU का चुनाव होता है तो छात्र चुनावों के पोस्टर कॉलेज के हर दीवार पर चिपका देते हैं। इसके अलावा कई सार्वजनिक स्थानों पर भी चुनावी पोस्टर लगा दिये जाते हैं। जिसपर संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने DUSU चुनाव में वोटों की गिनती पर रोक लगा दी है। इसके अलावा छात्रसंघ चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को गंदा किए जाने पर दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जबतक सार्वजनिक संपत्तियों की सफाई नहीं होती, तबतक मतों की गणना नहीं होगी।
जबतक आदेश ना दें ना हो मतों की गणना- HC
हाईकोर्ट ने इस संबंध में दिल्ली विश्वविद्यालय और उससे संबंधित सभी कॉलेज प्रशासन को आदेश दिया है कि मतदान के बाद सभी कॉलेज बैलेट बॉक्स और EVM को सुरक्षित रखें और जबतक आदेश ना दें तबतक मतों की गणना ना करें। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि सफाई कराने में आने वाली लागत दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन से वसूल की जाएगी।
DUSU चुनाव की स्थिति देश के आम चुनावों से भी बुरी है- HC
25 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव में खर्च होने वाले बेहिसाब पैसे पर भी गंभीर टिप्पणी की थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इसमें करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसकी स्थिति देश के आम चुनावों से भी बुरी है। दिल्ली HC ने कहा था कि यह लोकतंत्र का उत्सव है ना कि मनी लॉन्ड्रिंग का। इस दौरान कोर्ट ने चुनाव में खर्च किए जा रहे बेहिसाब पैसों के रिकॉर्ड पर भी टिप्पणी की थी।




