नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल और मायावती की पार्टी बसपा ने आज गठबंधन का ऐलान किया। मायावती के उत्तराधिकारी आकाश आनंद ने आज इसकी आधिकारिक घोषणा की। मायावती के द्वारा दोबारा से उत्तराधिकारी बनाये जाने के बाद आकाश आनंद का ये पहला बड़ा कदम है।
37 सीटों पर BSP लड़ेगी चुनाव
आकाश आनंद ने इस अवसर पर कहा कि मायावती और अभय चौटाला की इस गठबंधन को लेकर विस्तार से बात हुई थी। जिसमें ये तय हुआ है कि हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों में से 37 पर बीएसपी और बाकी पर INLD चुनाव लड़ेगी।
आकाश आनंद और अभय चौटाला ने की प्रेसवार्ता
बसपा और आईएनएलडी गठबंधन को लेकर आकाश आनंद के साथ अभय चौटाला ने आज प्रेस वार्ता की। जिसमें अभय चौटाला ने कहा कि उनका गठबंधन स्वार्थ के लिए नहीं है। बीजेपी ने 10 साल में और कांग्रेस ने अपने राज में सूबे को जमकर लूटा है। हम गैर बीजेपी, गैर कांग्रेस गठबंधन राज्य तैयार करेंगे और सरकार बनाएंगे।
बीजेपी की बढ़ सकती है टेंशन
हरियाणा में इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बसपा और INLD के इस गठबंधन से सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस की विधानसभा चुनाव में टेंशन बढ़ सकती है। इनेलो के सहारे मायावती दलित वोट बैंक साधने की कोशिश में हैं। हरियाणा में दलितों की आबादी करीब 20 फीसदी है। दलितों का अधिकतर वोट बीजेपी और कांग्रेस में बंटता है। ऐसे में बसपा और INLD का गठबंधन दोनों दलों को काफी नुकसान कर सकता है।
बीजेपी को लग सकता है बड़ा झटका
हरियाणा में बीजेपी का समीकरण गैर जाट बनाम सभी जाति का रहा है। यानी बीजेपी जाटों को छोड़कर बाकी सभी जातियों के वोट साधने की कोशिश करती है। ऐसे में अगर बीजेपी का दलित वोट छिटकता है तो बीजेपी को काफी नुकसान हो सकता है।
लोकसभा चुनाव में इतने प्रतिशत मिले थे वोट
बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में हरियाणा में बीएसपी को जहां 1.28 फीसदी वोट मिले थे। तो वहीं INLD को 1.74 फीसदी से संतोष करना पड़ा था। वहीं 2019 के विधानसभा चुनाव में INLD मात्र 1 सीट जीत पाई थी। वहीं बहुजन समाज पार्टी को सिर्फ 4.21 फीसदी वोट मिले थे।
इस संबंध में अभय चौटाला ने 6 जुलाई को बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की थी। इस दौरान मायावती के भतीजे आकाश आनंद भी मौजूद थे। उस समय अभय चौटाला ने एक्स पर लिखकर दोनों के मुलाकात के संबंध में जानकारी दी थी।
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