नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि सीमा के उस पार अब भी 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप सक्रिय हैं। भारतीय सेना इन सभी ठिकानों पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने साफ कहा कि अगर इन कैंपों से कोई भी उकसावे वाली हरकत होती है तो भारत दोबारा कड़ा जवाब देगा।
8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप अभी भी एक्टिव
जनरल द्विवेदी ने बताया कि कुल 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। इनमें से 2 कैंप इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) पर 6 कैंप लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास मौजूद हैं। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सेना इन ठिकानों पर 24 घंटे नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि इन कैंपों में करीब 100 से 150 आतंकी मौजूद हो सकते हैं। सेना प्रमुख ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर इन आतंकी ठिकानों से किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि होती है, तो भारतीय सेना फिर से कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, हम पूरी तरह सतर्क हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद फॉरवर्ड तैनाती कम हुई
जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) स्तर की बातचीत में यह तय हुआ था कि दोनों देश अपनी फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट कम करेंगे। तनाव के समय जो अतिरिक्त सैन्य तैनाती की गई थी, उसे अब तय स्थानों पर वापस भेज दिया गया है।
”DGMO बातचीत में न्यूक्लियर मुद्दा नहीं”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीजीएमओ की बातचीत में परमाणु हथियारों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। जो भी बयान परमाणु मुद्दे पर सामने आए हैं, वे राजनीतिक मंचों से दिए गए हैं, सेना की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया। सेना प्रमुख ने कहा कि पहली बार भारत ने परमाणु और पारंपरिक युद्ध के बीच की क्षमता का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की।
इससे यह साफ हो गया है कि भारत हर स्तर पर जवाब देने में सक्षम है। जनरल द्विवेदी के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में 9 लक्ष्यों में से 7 को पूरी तरह तबाह किया गया। यह ऑपरेशन 7 मई से 10 मई तक चला और इसके बाद से जम्मू-कश्मीर में हालात काफी हद तक नियंत्रण में हैं। सेना प्रमुख ने बताया कि हाल के दिनों में जम्मू क्षेत्र में दिखे पाकिस्तानी ड्रोन का मुद्दा आज की डीजीएमओ बातचीत में उठाया गया। भारत ने साफ कहा कि ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ड्रोन भेजकर पाकिस्तान शायद हमारी सैन्य तैयारियों की जांच करना चाहता था।





