नई दिल्ली/रफ्तार न्यूज। हाथरस हादसे को लेकर पुलिस प्रशासन के द्वारा की जा रही लीपापोती को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जिस बाबा के सत्संग में मची भगदड़ की वजह से 121 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। पुलिस की नजर में वो बाबा अभी भी गुनाहगार नहीं है। ना तो पुलिस की एफआईआर में उसका नाम है और ना ही अभी तक पुलिस ने बाबा के बारे में एक शब्द भी कहा है। यहां तक की अपराधियों पर कहर बनकर टूटने वाला बाबा का बुलडोजर भी खामोश है।
मुर्दों में जान फूंकने का करता था दावा
बाबा का दावा था कि वो मुर्दों में जान फूंक देता है। लेकिन जिस वक्त मुर्दे उसका इंतजार कर रहे थे उस वक्त बाबा अपनी जान बचाकर भाग रहा था। जिंदगी की आस लिए जो भक्त उसके पास आए थे, वो उन्हें खेतों और सड़कों पर मरते देख भाग खड़ा हुआ। बाबा कितना बड़ा डरपोक और झूठा है ये सामने आई सीसीटीवी फुटेज ने साफ कर दिया।
भगदड़ मचते ही भाग खड़ा हुआ बाबा
हाथरस में एनएच 51 के करीब जहां सत्संग हो रहा था, वहां भगदड़ मचते ही बाबा की गाड़ियों का काफिला काफी तेजी से भाग निकला। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि कितनी तेजी से सभी गाड़ियां वहां से गुजर रही हैं। वहीं इससे पहले कई मोटरसाइकिल काफी तेजी से निकली। जिसपर बाबा के कमांडो बैठे हुए थे। इनका काम बाबा का रूट खाली करना होता है।
प्रमुख सेवादार बाबा को दे रहा था पल-पल की जानकारी
अपने भक्तों को मरता हुआ छोड़कर जब बाबा भाग रहा था तो उसे घटनास्थल की पल-पल की जानकारी उनका मुख्य सेवादार प्रकाश मधुकर दे रहा था। बाबा और प्रकाश मधुकर के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पुलिस ने बताया कि दो बजकर 48 मिनट पर मथुकर ने पहले बाबा को फोन किया था। कुल 2 मिनट 17 सेकेंड बात की। उस समय बाबा मैनपुरी की तरफ बढ़ रहा था। मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन के मुताबिक बाबा दोपहर तीन बजे से चार बजकर 35 मिनट तक मैनपुरी आश्रम में रुका था।
पुलिस को नहीं है बाबा की तलाश
यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके अधिकारियों के बयानों को देखकर ऐसा लग रहा है कि पुलिस को बाबा की जरूरत नहीं है। इस हादसे का सारा दोष सेवादारों के माथे पर डाला जाएगा। बाबा 2 जुलाई की शाम तक मैनपुरी में रहे। घटना के बाद जब बाबा के बारे में चारों तरफ बातें होने लगी तो वो मैनपुरी से खिसक लिए। हो सकता है कि पुलिस को बाबा की जानकारी हो कि वो कहां पर हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि पुलिस को बाबा की जरूरत नहीं है।
IG शलभ माथुर ने नहीं लिया बाबा का नाम
अलीगढ़ के आईजी जोन शलभ माथुर ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि किसी भी कसूरवारों को छोड़ा नहीं जाएगा। सेवादारों को ढूंढा जा रहा है। हालांकि माथुर साहब की जुबान पर एक बार भी बाबा का नाम नहीं आया। सबसे कमाल की बात ये है कि पुलिस ने प्रमुख सेवादार प्रकाश मधुकर का सुराग देने वालों के लिए 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया लेकिन एक बार भी बाबा का नाम नहीं लिया गया। ऐसा लगता है कि बाबा को पुलिस ने पहले ही क्लीन चीट दे दिया है।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in




