नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ के कारण 121 लोगों की जान चली गई। हाथरस में हुई भगदड़ से पूरे देश में इसको लेकर लोगों ने अपनी निंदा व्यक्त की। अहाथरस में हुई भगदड़ के बाद इस मामले से जुड़े भोले बाबा के दावों का भी खुलासा हो रहा है। दरअसल 4 जुलाई 2024 को एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमे भोले बाबा का काफिला गुजरते हुए दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार यह वीडियो हाथरस में हुई भगदड़ के बाद का है। हालांकि इस बाद की पुष्टि हम बिलकुल नहीं करते हैं। यह अभी जांच का विषय है और जल्द ही जांच में इस बाद का पता चल जायेगा।
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वकील के दावों का खुलासा होता नजर आ रहा है
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंप के बाहर बाबा के सेवादार एक कतार में खड़े हैं। तभी वहां से वाहन गुजरना शुरू हो जाते हैं। जानकारी के अनुसार वाहन का यह काफिला भोले बाबा का है। अब सीसीटीवी फुटेज के सामने आने से बाबा और उसके वकील के दावों का खुलासा होता नजर आ रहा है। बाबा के वकील ने बयान जारी कर कहा था कि हाथरस भगदड़ हादसे से पहले ही भोले बाबा चले गए थे।
उन्होंने इसके जाँच के आदेश भी दिए
भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ के मामले में हाथरसपुलिस ने नारायण साकार विश्व हरि के चार सेवादारों को गिरफ्तार कर लिया है। यह हादसा उत्तर प्रदेश के हाथरस के सिकंदराराऊ के गांव फुलरई में हुआ। यहां भोले बाबा का सत्संग चल रहा था। यहां हुए भगदड़ में 121 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आयी और 2 जुलाई 2024 की रात को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और एडीजी प्रशांत कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। उन्होंने इसके जाँच के आदेश भी दिए। उन्होंने इस हादसे की जांच के आदेश एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ और कमिश्नर चैत्रा बी को दिए। इन दोनों को 24 घंटे में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ और कमिश्नर चैत्रा बी ने तेजी से जांच शुरू की और 3 जुलाई 2024 को इस मामले में एसडीएम सिकंदराराऊ, सीओ और अन्य पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज कराए।
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