back to top
24.1 C
New Delhi
Monday, March 30, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

“सोचना भी नहीं, कोई मुझे डरा-धमका सकता है” किस मामले पर सुनवाई करते हुए ये बात बोल गए CJI सूर्यकांत

CJI सूर्यकांत ने पूर्व सांसद रेवन्ना की याचिका पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि रोहिंग्या मामले पर अफवाहें या सोशल मीडिया का दबाव उनके न्यायिक निर्णय को प्रभावित नहीं करेगा।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने पूर्व सांसद प्रज्जवल रेवन्ना की याचिका पर सुनवाई के दौरान जोरदार टिप्पणी की कि उन्हें किसी भी सोशल मीडिया या बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं किया जा सकता। यह बयान उस ओपन लेटर पर उनकी प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पूर्व जजों, वकीलों और कार्यकर्ताओं ने रोहिंग्याओं पर उनके विवादित बयान को लेकर आपत्ति जताई थी।

पूर्व सांसद की याचिका और ट्रायल ट्रांसफर का अनुरोध

प्रज्जवल रेवन्ना ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि उनके खिलाफ चल रहे रेप केस के ट्रायल्स को ट्रांसफर किया जाए। उनके वकीलों, सिद्धार्थ लूथरा और सिद्धार्थ दवे ने जजों की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि यह टिप्पणियां पक्षपात का आधार बन सकती हैं और रिकॉर्ड से हटाई जानी चाहिए।

CJI की प्रतिक्रिया और अदालत का रुख

CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि कोर्ट में पूछे जाने वाले सवाल केवल दोनों पक्षों की ताकत और दावे को जांचने के लिए होते हैं और यह अंतिम निर्णय का संकेत नहीं हैं। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने भी कहा कि जज की टिप्पणियां ट्रायल ट्रांसफर का आधार नहीं बन सकतीं। सीजेआई ने कहा कि लोग कोर्ट की प्रक्रिया को समझे बिना नैरेटिव बनाते हैं, लेकिन वह इससे प्रभावित नहीं होते। उन्होंने कहा, “अगर किसी को लगता है कि वे मुझे डरा-धमका सकते हैं तो वे गलत हैं। मैं बहुत मजबूत आदमी हूं।”

रोहिंग्या मामले पर विवादित टिप्पणी

CJI सूर्यकांत की यह टिप्पणी रोहिंग्याओं को लेकर उनके बयान से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने हिरासत में लिए गए रोहिंग्याओं के मामलों पर सुनवाई के दौरान सवाल उठाया था कि क्या किसी देश में घुसपैठ करने वालों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करना चाहिए। उन्होंने पूछा कि भारत सरकार ने कब उन्हें आधिकारिक रूप से शरणार्थी का दर्जा दिया है और ऐसे हालात में नागरिकों के समान अधिकार कैसे लागू हो सकते हैं। यह बयान न्यायिक प्रक्रिया और सोशल मीडिया पर बने दबाव के बीच CJI की स्थिर और मजबूत स्थिति को दर्शाता है, साथ ही अदालत में निष्पक्ष निर्णय देने की उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵