नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। एनसीपी पार्टी के मुखिया अजित पवार की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। लोकसभा चुनाव 2024 में उनकी पार्टी केवल रायगढ़ लोकसभा सीट पर ही जीत दर्ज कर पायी थी। अजित पवार ने लोकसभा चुनाव 2024 में मिली बड़ी हार से सबक लेते हुए पूरी सावधानी के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारी की योजना बनाई थी। लेकिन अब उनकी पार्टी के 4 बड़े नेताओं ने ऐसे समय में उनका साथ छोड़ दिया है। ये 4 बड़े नेता पिंपरी चिंचवाड़ से हैं, जिन्होंने एनसीपी मुखिया अजित पवार का साथ छोड़ा है।
ऐसे में एनडीए से अधिक सीटों की मांग नहीं कर पाएंगे
जानकारी के अनुसार चारों बड़े नेता अब अजित पवार के चाचा शरद पवार की पार्टी में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चारों बड़े नेता इस सप्ताह के अंत में एनसीपी शरद पवार पार्टी में शामिल हो सकते हैं। एनसीपी पिंपरी चिंचवाड़ के अध्यक्ष अजित गवहाने ने अजित पवार को अपना इस्तीफा भेज दिया है। इनके अलावा स्टूडेंट विंग के प्रमुख यश साने, पूर्व पार्षदों पंकज भालेकर और राहुल भोसले ने भी एनसीपी शरद पवार पार्टी में शामिल होने का प्लान बनाया है। इन चारों बड़े नेताओं के इस्तीफे ऐसे समय में आए हैं, जब पहले से ही मीडिया में खबरें चल रही है कि अजित पवार की पार्टी के कई विधायक और नेता एनसीपी शरद पवार की पार्टी में वापसी कर सकते हैं।
हाल में ही दिग्गज ओबीसी नेता छगन भुजबल ने शरद पवार से काफी देर तक मुलाकात की थी। छगन भुजबल ने शरद पवार के साथ मुलाकात का कारण आरक्षण समेत कई मामलों पर चर्चा बताई थी। इस बात से सभी अनुमान लगा रहे हैं कि छगन भुजबल अजित पवार की पार्टी को छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो अजित पवार विधानसभा चुनाव मएनडी से अधिक सीटों की मांग नहीं कर पाएंगे। एें
बशर्ते उन्होंने पार्टी की छवि खराब नहीं की हो: शरद पवार
वहीं शरद पवार पिछले महीने ही कह चुके हैं कि जिन लोगो की वजह से पार्टी कमजोर हुई है, उन्हें किसी भी हाल में पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा। शरद पवार ने यह भी कहा था कि जिन लोगों ने हमारी पार्टी को छवि नहीं पहुंचाया है, उन्हें पार्टी में वापस लिया जा सकता है। शरद पवार ने कहा था कि जो लोग संगठन को मजबूत करने का कार्य करेंगे, ऐसे नेताओं को वापस से पार्टी में लिया जाएगा, बशर्ते उन्होंने पार्टी की छवि खराब नहीं की हो।
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