नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारतीय न्याय संहिता 2023 देश में 1 जुलाई 2024 से लागू हो जाएगा। इसको संसद ने वर्ष 2023 के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया था। भारतीय न्याय संहिता 2023 के लागू होते ही अंग्रेजो के समय के तीन कानून भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 खत्म हो जाएंगे। जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय न्याय संहिता 2023 में 358 सेक्शन है, जबकि भारतीय दंड संहिता में 511 सेक्शन थे। भारतीय न्याय संहिता 2023 में 20 नए अपराधों को शामिल किया गया है। भारतीय न्याय संहिता में 33 अपराधों के लिए जेल की सजा को बढ़ाया गया है। आज का हमारा टॉपिक महिलाओं और बच्चों के कानून से संबंधित है।
भारतीय न्याय संहिता 2023 में एक नए अध्याय को जोड़ा गया है
भारतीय न्याय संहिता 2023 में एक नए अध्याय को जोड़ा गया है, जिसका नाम क्राइम अगेंस्ट वूमेन एंड चाइल्ड है। इस अध्याय में यौन अपराधों को लेकर पूरे कानूनी प्रावधान दिए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता में 18 वर्ष से कम आयु की महिला के साथ बलात्कार होने पर, दोषी की सजा में बदलाव का प्रावधान किया गया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर नाबालिग महिला के साथ गैंगरेप होता है तो इस संहिता के अनुसार नाबालिग महिला के साथ गैंगरेप से संबंधित प्रावधान को POSCO अधिनियम के अनुरूप बनाया जाएगा।
साथ ही नाबालिग लड़कियों के साथ अगर बलात्कार होता है तो इस संहिता के अनुसार दोषी को आजीवन कारावास या मृत्युदंड दिया जा सकता है। भारतीय न्याय संहिता में यह प्रावधान भी दिया गया है कि बलात्कार पीड़ित की जांच करने वाले डॉक्टरों को 7 दिनों के अंदर अपनी जांच की रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को सौंपनी होगी।
भारतीय न्याय संहिता 2023 में बलात्कार के मामलों में सख्त कानून बनाए गए हैं
भारतीय न्याय संहिता 2023 में बलात्कार के मामलों में सख्त कानून बनाए गए हैं। जिसके तहत सजा भी बढ़ा दी गई है। भारतीय न्याय संहिता के अनुसार गैंगरेप के सभी मामलों में सजा को पहले से सख्त कर दिया गया है। अब गैंगरेप के सभी मामलों में दोषियों को 20 साल की कैद या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। मोद सरकार ने महिलाओं और बच्चों के साथ किसी भी तरह के यौन शोषण को लेकर काफी सख्त कानून कर दिए हैं।
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