नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश में इस समय परीक्षाओं का पेपर लीक होना एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। जहां एक तरफ अभी नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, तो वहीं दुसरी तरफ यूजीसी नेट परीक्षा रद्द करने को लेकर आज कांग्रेस ने भाजपा को घेरा। आज गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक और यूजीसी नेट परीक्षा को रद्द करने के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार पेपर लीक रोक पाने में पूरी तरह फेल है।
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी याद दिलाया राजस्थान पेपर लीक
राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब भाजपा ने उनके आरोपों पर पलटवार किया है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी को राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान हुए पेपर लीक की याद दिलाई और कहा कि हमारी सरकार NEET परीक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क और संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि सरकार लाखों छात्रों के साथ कोई भी अन्याय नहीं होने देगी ये भरोसा मैं उन सभी छात्रों को दिला रहा हूं। जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ सुधांशु ने कहा कि राहुल गांधी का लाखों छात्रों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है, वह सिर्फ इस विषय पर अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं। क्या जब राजस्थान में पेपर लीक हुआ था तो राहुल गांधी ने इस पर एक शब्द भी बोला था?
शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी के बयान पर किया पलटवार
इसके साथ राहुल गांधी के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी हमला बोला है। शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी तीसरी बार असफल हुए, इसका मतलब यह नहीं है कि वह गुजरात और मध्य प्रदेश के युवाओं को कुछ भी बोले। राहुल ने कहा कि गुजरात और मध्य प्रदेश (पेपर लीक के) केंद्र में हैं, अगर आपको किसी परीक्षा से कोई समस्या है, तो आप इसकी कमियां बता सकते हैं, लेकिन सिर्फ इसलिए कि आपके पीएम मोदी के साथ कुछ व्यक्तिगत मुद्दे हैं, आप युवाओं पर इतना बड़ा आरोप लगाते हैं। पूनावाला ने कहा कि पेपर लीक का कोई केंद्र है तो वह कांग्रेस और राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार है।
क्या कहा था राहुल गांधी ने?
दराअसल, आज राहुल गाधी ने NEET पेपर लीक मामले में को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि मध्य प्रदेश से शुरू हुआ व्यापम घोटाला अब पूरे देश में फैल गया है। नीट का पेपर लीक हुए हैं, और यूजीसी के पेपर कैंसिल भी हुए हैं। ऐसा कहा जा रहा था कि नरेंद्र मोदी ने रूस और यूक्रेन के बीच का युद्ध रोक दिया था। इजराइल और गाजा की लड़ाई भी रोक दी थी। लेकिन नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान में पेपर लीक को नहीं रोक पा रहे हैं। ऐसी घटनाओं से छात्रों का फ्यूचर है खराब हो रहा है। शिक्षा के संगठन को एक खास संगठन ने अपने कब्जे में कर रखा है। हर पोस्ट पर इसी संगठन के लोग बैठे है। इसे जल्द बदलना होगा। हम चाहते है इस मामले की पूरी जांच हो, जो भी पेपर लीक करवाया उसको पकड़ा जाए। पहले इसका मूल केंद्र मध्य प्रदेश हुआ करता था। अब पूरा देश हो गया है। बीजेपी के लोग कहते हैं कि इसकी लेब्रोटरी गुजरात और मध्य प्रदेश हैं।
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