नई दिल्ली, रफ्तार। हरियाणा के मानेसर स्थित अमेजन इंडिया के गोदामों में काम करने वाले मजदूरों की हालत दयनीय है। अमेजन इंडिया के गोदामों में काम करने वाले मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उनसे प्रतिदिन 10 घंटे काम कराया जाता है और जबतक टारगेट पूरा नहीं हो जाता उन्हें ना तो बाथरुम जाने दिया जाता है और ना ही खाने-पीने का ब्रेक दिया जाता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि सीनियर बार-बार आकर बाथरुम चेक करते हैं कि कोई मजदूर बाथरुम में घुसकर समय बर्बाद तो नहीं कर रहा है।
टागरेट पूरा होने तक नहीं ले सकते ब्रेक
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार एक मजदूर ने बताया कि अगर हम बिना खाने पीने का ब्रेक लिए काम करें, तब भी हम एक दिन में 4 ट्रक से ज्यादा लोड नहीं कर सकते। मजदूरों ने ये भी आरोप लगाया है कि जब तक उनका टारगेट पूरा नहीं हो जाता, तबतक उन्हें ना तो टॉयलेट जाने का ब्रेक दिया जाएगा और ना ही पानी पीने का।
अमेजन इंडिया ने लिया मामले का संज्ञान
खबर सामने आने के बाद लोगों ने अमेजन इंडिया पर तरह तरह के आरोप लगाने लगे। हंगामा बढ़ने के बाद अमेजन इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि हम इन आरोपों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम इस तरह के कामों को कभी बढ़ावा नहीं देते। अगर जांच में इस प्रकार की घटना निकलकर सामने आती है तो हम इसपर तुरंत कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही इसमें शामिल प्रबंधकों की टीम को फिर से प्रशिक्षित करेंगे। हालांकि इस दौरान जांच जारी रहेगी।
महिलाओं की हालत है गंभीर
मजदूरों ने ये भी आरोप लगाया है कि इस प्रकार काम करने से महिलाओं पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ट्रकों को धूप में बाहर खड़ा किया जाता है। जिसकी वजह से वो काफी गर्म हो जाते हैं। जब महिलाएं सामान उतारने जाती हैं तो धूप की वजह से वो काफी थक जाती हैं। इसको लेकर प्रबंधन ने कोई इंतेजाम नहीं किया है।
बीमारी के दौरान स्थिति और भी हो जाती है दयनीय
वहीं गोदाम में काम करने वाली एक महिला ने बताया कि परिसर में कोई शौचालय नहीं है। अगर हम काम के दौरान बीमार भी पड़ जाते हैं तो हमारे पास लॉकर रूम या वॉशरूम में जाना ही अकेला रास्ता होता है। महिला ने आगे कहा कि गोदाम परिसर में बीमार लोगों के लिए एक कमरा जरूर है, लेकिन कर्मचारियों को 10 मिनट बाद बाहर निकाल दिया जाता है।
इसपर अमेजन के प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने सभी इमारतों में हीट इंडेक्स मॉनिटरिंग डिवाइस लगा रखे हैं। जिससे तापमान पर निगरानी रखी जाती है। उन्होंने कहा कि कोई भी कर्मचारी अपनी शिफ्ट के दौरान ब्रेक लेकर शौचालय का उपयोग, पानी लेने या मैनेजर से बात करने के लिए स्वतंत्र है।
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