नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बीते दिनों यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद साधु-संतों और बीजेपी ने उनके बयान की कड़ी आलोचना की थी। अखिलेश यादव ने कहा था कि माफिया और मठाधीश में ज्यादा फर्क नहीं होता है। अखिलेश यादव के इस बयान को भाजपा ने सनातन विरोधी मानसिकता का परिचायक बताया और उनकी कड़ी आलोचना की। भाजपा ने कहा कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव साधु-सन्यासियों की तुलना माफिया से कर रहे हैं। यहीं इनकी मानसिकता है।
अखिलेश यादव ने लिया यूटर्न
अखिलेश यादव ने अब इस बयान पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैंने कभी भी हमारे किसी साधु-संत, ऋषि-मुनि या आचार्य के बारे में नहीं कहा। हमने इनके उपर कभी कोई टिप्पणी नहीं की। दरअसल शुक्रवार को अखिलेश यादव ने अपने संसदीय क्षेत्र कन्नौज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने जो टिप्पणी की है, वह मठाधीश मुख्यमंत्री पर की है। संत हमारे लिए हमेशा पूजनीय हैं। हम उनको गुरु मानते हैं, लेकिन यह टिप्पणी हमने सीएम पर की है। मठाधीश से किसी को क्या शिकायत हो सकती है। हमारे सीएम तो खुद ही मठाधीश हैं।
भाषा से पहचानिये असली संत महंत…
दरअसल अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। जिसमें लिखा था कि ‘भाषा से पहचानिए असली संत महन्त, साधु वेष में घूमते जग में धूर्त अनंत’। अखिलेश यादव के माफिया और मठाधीश वाली टिप्पणी पर अयोध्या समेत कई स्थानों के साधु-संतों ने नाराजगी जताई थी। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने भी सपा प्रमुख पर हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का यहीं चरित्र है। सपा ने हमेशा सनातन धर्म को कलंकित करने का काम किया है। उनके साधु-संतों के प्रति विचार जग जाहिर हैं। इन्हीं लोगों ने भगवान श्रीराम के कारसेवकों का नरसंहार कराया था।
एनकाउंटर नीति पर भी उठाये सवाल
वहीं कन्नौज में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने मौजूदा योगी सरकार की एनकाउंटर नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यूपी में इनकी सरकार आने के बाद 18 हजार एनकाउंटर हुए हैं। जिनमें 200 लोगों की मौतें हुई हैं। अगर एनकाउंटर से कानून-व्यवस्था बेहतर होती है तो फिर रोज अपराध क्यों हो रहे हैं। अखिलेश यादव ने इस दौरान यूपी सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सीएम दावा करते हैं कि सभी अपराधी राज्य छोड़कर चले गए हैं, जबकि ऐसा नहीं है। अपराधियों का भाजपाईकरण हो गया है। तमाम दबंगों व अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है।




