नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क । देश की सबसे VVIP तिहाड़ जेल के पूर्व सुपरिंटेंडेंट सुनील गुप्ता ने सहाराश्री सुब्रत रॉय के जेल के दिनों को लेकर बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन की मिलीभगत के कारण सुब्रत रॉय को विशेष सुविधाएं दी गई थीं। उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्होंने तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल को भी जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
सुनील गुप्ता ने कहा कि जब सुब्रत रॉय जेल में बंद थे, तब उनसे मिलने दिन में दो-तीन बार एयर होस्टेस आती थीं और उनके साथ घंटे बिताती थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुब्रत रॉय के सेल से शराब की बोतल भी उन्होंने पकड़ी थी।
शराब की बोतलें लेकर आती थीं एयर होस्टेज
सुनील गुप्ता ने सहारा समूह के संस्थापक सुब्रत रॉय सहारा के बारे में सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि जब सुब्रत रॉय सहारा तिहाड़ जेल में बंद थे, तब वहां उनसे मिलने सहारा एयरलाइंस की एयरहोस्टेसेस रोजाना आती थीं। वे उनके साथ घंटों सेल में रहती थीं। उनके सेल से शराब की बोतलें भी मिलती थीं। उन्होंने ये दावा भी कि जेल में हो रहीं इन अवैध गतिविधियों के बारे में AAP नेता और पूर्व सीएम केजरीवाल से शिकायत भी की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गुप्ता ने आगे बताया कि सुब्रत रॉय को सुप्रीम कोर्ट द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा प्रदान की गई थी। उन्होंने कहा कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने सहारा प्रमुख के सामने घुटने टेक दिए थे, क्योंकि उनके द्वारा अदालत को दिए गए सुझाव पर ही उन्हें ये सारी सुविधाएं प्रदान की गई थीं। बता दें कि सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा का नवंबर 2023 में निधन हो गया था।
गुप्ता ने बताया कि ‘इन अवैध गतिविधियों के बारे में उन्होंने सबसे पहले तत्कालीन डीजी (जेल) से शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद वह तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल के पास गए और उन्हें शिकायत करते हुए बताया कि जेल प्रशासन की सांठगांठ से सहाराश्री को सुविधाएं दी जा रही हैं। हालांकि आखिरकार इसके बाद भी कुछ भी ठोस नहीं हुआ और वह (रॉय) सुविधाओं का आनंद लेते रहे।
गुप्ता ने कहा कि सुब्रत को एक कोर्ट कॉम्प्लेक्स में रहने की इजाजत मिली थी, क्योंकि उन्होंने कहा था कि उन्हें अपनी संपत्ति बेचनी है और लोगों के पैसे वापस करने हैं। ऐसे में पश्चिमी देशों के बिजनेसमैन से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात करनी होगी। इसके बाद उन्हें कोर्ट ने कॉम्प्लेक्स देने के लिए कह दिया और फिर एक प्राइवेट सेक्रेटरी रखने के लिए भी इजाजत दे दी। उन्होंने एक महिला प्राइवेट सेक्रेटरी रखी थी। लेकिन दिन में उनसे दो-तीन बार अलग-अलग एयर होस्टेस मिलने आती थीं। वह किस लिए आती थीं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। आप जो भी सोचना चाहे, सोच सकते हैं।
रिटायरमेंट से पहले मुझे परेशान किया गया
सुनील गुप्ता ने आगे कहा कि उन्होंने डीजी जेल की अध्यक्षता में हुई बैठकों में भी यह मुद्दा उठाया था, लेकिन इससे डीजी जेल को लगा कि मैं उनके खिलाफ शिकायत कर रहा हूं, इसलिए उन्होंने इसे अच्छे से नहीं लिया। आखिरकार कुछ भी ठोस नहीं किया गया और सुब्रत रॉय सुविधाओं का आनंद लेते रहे। जेल प्रशासन उनके सामने झुक गया। फिर उन्होंने मुझे परेशान करना शुरू कर दिया। जब मैं रिटायर हो रहा था, तो मुझे 10 साल पुराने मामले में अनियमितताओं के संबंध में 15 पेज की चार्जशीट दी गई थी। यह सिर्फ परेशान करने के लिए था। मुझे 4-5 साल बाद दोषमुक्त कर दिया गया और सरकार ने चार्जशीट वापस ले ली। लेकिन मैं उन 5 सालों में बहुत परेशान था। मुझे पता था कि ऐसा होगा।




