नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इस ऑपरेशन का मकसद पाकिस्तान में बैठे आतंकी ठिकानों को तहस-नहस करना था। भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात को पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकियों के ठिकानों और कैप पर एयर स्ट्राइक की, जिसमें करीब 100 आतंकी ढेर हुए है। भारत ने यह कार्रवाई आतंकियों के खिलाफ की थी, पाकिस्तान सेना ने भी उलट भारत पर भी गोलाबारी और फायरिंग कर दी गई।, जिसका भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
भारतीय सेना की एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी, पाक सरकार और पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा। भारत की कार्रवाई में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया। पाक सेना के आर्मी एयरबेस को तबाह किया। भारत की इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के 11 जवान मारे गए, जबकि 78 जवान घायल हुए हैं। इसमें 5 एयर फोर्स के अधिकारी भी शामिल हैं।
पाकिस्तान ने बताया है कि भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान आर्मी के 11 जवान मारे गए है। जिसमें अब्दुल रहमान, दिलावर खान, इकरामुल्ला, ख़ालिद, मुहम्मद अदील अकबर, और निसार मारे गए हैं, जबकि पाकिस्तान वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ, मुख्य तकनीशियन औरंगजेब, चीफ तकनीशियन नजीब, कॉर्पोरल तकनीशियन फारूक और सीनियर तकनीशियन मुबाशिर के नाम शामिल है।
इसके अलावा, पाकिस्तान के स्क्वाड्रन लीडर उस्मान युसूफ सहित पाकिस्तानी वायुसेना के कुल 5 वायु सैनिक भी मारे जा चुके हैं। वे सभी जकोकाबाद एयरबेस (सिंध प्रांत) में तैनात थे। उस्मान और उसके साथी JF-17 से भारत के खिलाफ फ्लाई करने की तैयारी कर रहे थे, उसी दौरान भारत ने शहबाज एयरबेस पर हमला कर दिया। जिसमें पांच एयर फोर्स के अफसर मारे गए।
10 मई को भारत-पाक के बीच सीजफायर पर बनी सहमति
दोनो देशों के बीच यह तनाव करीब 3 दिनों तक चला। लगातार तीन दिन के संघर्ष के बाद भारत-पाकिस्तान के बीत युद्ध विराम पर सहमति बनी। 10 मई शाम पांच बजे दोनों देशों के बीच युद्ध विराम पर बनी सहमति का ऐलान किया गया। लेकिन पाक ने करीब 3 घंटे बाद ही सीजफायर का उल्लंघन कर दिया, जिसका भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। अब सीमा पर शांति स्थापित की जा रही है। सभी इलाकों में हालात सामान्य हो गए है।
सीजफायर के लिए पाकिस्तान ने लगाई गुहार
भारत की जवाबी कार्रवाई के डर से पाकिस्तान ने भारत से युद्ध विराम समझौता करने के लिए गुहार लगाई। बहुत ही बुरी तरह पिटने के बाद पड़ोसी मुल्क ने 10 मई की शाम करीब 3.35 भारतीय सेना के DGMO से संपर्क किया। तब तक भारत ने आतंक के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर दिया था। फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर पर सहमति बनी





