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Friday, March 13, 2026
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धरने पर बैठे SP सांसद सनातन पांडे के पैर छूकर दारोगा ने किया प्रणाम,बोले-हमारी औकात नहीं कि आपको गिरफ्तार करें

सपा सांसद सनातन पांडे के धरने के दौरान बलिया के नगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा उनके पैर छूकर प्रणाम करते दिखे।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के बलिया से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद सनातन पांडे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे धरने पर बैठे हुए हैं और नगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा उनके पैर छूकर प्रणाम करते दिखाई दे रहे हैं। यह घटना रविवार की बताई जा रही है, जब सांसद सनातन पांडे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वाराणसी के मणिकर्णिका घाट की जांच के लिए जा रहा था। इसी दौरान गाजीपुर के बिरनो टोल प्लाजा के पास पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद सांसद और उनके समर्थक वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान सपा विधायक वीरेंद्र यादव भी उनके साथ मौजूद थे।

”आप जहां बुलाएंगे, वहां चलेंगे”


धरने के दौरान बलिया के नगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा मौके पर पहुंचे और सांसद सनातन पांडे के पैर छूकर प्रणाम किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि दारोगा का यह व्यवहार मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इसी बीच सपा विधायक वीरेंद्र यादव ने दारोगा से पूछा कि आप यहां कैसे? जवाब में संजय मिश्रा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आप जहां बुलाएंगे, वहां चलेंगे। इसके बाद विधायक ने व्यंग्य करते हुए कहा कि आप हमें गिरफ्तार कर लीजिए, तो दारोगा ने कहा, हमारी औकात कहां जो आपको गिरफ्तार कर सकें। यह सुनकर मौके पर मौजूद लोग हंस पड़े। दारोगा ने साफ कहा कि वे किसी को गिरफ्तार नहीं करेंगे, बल्कि सांसदों के साथ धरने पर बैठेंगे। जब विधायक ने फिर से गिरफ्तारी की बात कही, तो दारोगा ने दोहराया कि वे किसी को गिरफ्तार नहीं करेंगे और उनके साथ ही धरने में शामिल रहेंगे।

पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है


बाद में पुलिस की टीम ने सांसद सनातन पांडे को एस्कॉर्ट करते हुए बलिया के लिए वापस रवाना कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और लोगों की प्रतिक्रियाएं भी विभाजित हैं। कुछ लोग इसे पुलिस की अनुशासनहीनता और सत्ता के दबाव के सामने झुकने वाला व्यवहार बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और प्रदर्शन की अनुमति के रूप में देख रहे हैं। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा रही कि क्या पुलिस अधिकारी का ऐसा व्यवहार कानून और नियमों के अनुरूप है, या फिर यह सियासी दबाव और तुष्टिकरण का संकेत है। वहीं, पुलिस के अधिकारियों ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस और चुनावी माहौल के बीच यह वीडियो सियासत में नया विषय बन गया है और सपा तथा पुलिस के बीच रिश्तों पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

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