back to top
24.1 C
New Delhi
Tuesday, March 10, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Mahakumbh 2025: महाकुंभ में संत ने पीएम मोदी को खून से लिखी चिट्ठी, जानें क्या हुआ ऐसा

जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने खून से एक पत्र लिखा है। इसमें बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की रक्षा करने का निवेदन किया गया है।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाकुंभ में जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने खून से एक चिट्ठी लिखी। इस पत्र में उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य कार्रवाई की मांग की। अब वे इस चिट्ठी पर अन्य संतों के हस्ताक्षर जुटा रहे हैं, ताकि इस मुद्दे को बड़े स्तर पर पीएम मोदी तक पहुंचाया जा सके।

विवादों से पुराना नाता

यति नरसिंहानंद पहले भी अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। महाकुंभ में उन्होंने हिंदू राष्ट्र की मांग करते हुए मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बयान दिए थे। उन्होंने दावा किया कि भारत में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ रही है और 2035 तक कोई मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा करने का आह्वान भी किया। दो महीने पहले उन्होंने पैगंबर हजरत मुहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की थी, जिससे काफी विवाद हुआ था। इसके अलावा, महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों के चलते उन पर FIR भी दर्ज की जा चुकी है।

रूस में पढ़ाई, ब्रिटेन में नौकरी

यति नरसिंहानंद का असली नाम दीपक त्यागी है। वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए रूस गए थे और ब्रिटेन सहित कई अन्य देशों में काम कर चुके हैं। बाद में भारत लौटकर वे समाजवादी पार्टी से जुड़े और फिर संत बन गए। यति नरसिंहानंद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित डासना शिवशक्ति धाम के महंत हैं। पिछले 20 सालों से वे इस मंदिर से जुड़े हुए हैं। उनका असली नाम दीपेंद्र नारायण सिंह था, जिसे बदलकर उन्होंने यति नरसिंहानंद रख लिया।

परिवार से अलग रहते हैं

 यति नरसिंहानंद की शादी हो चुकी है और उनकी एक बेटी भी है, लेकिन वे अपनी पत्नी और बेटी से अलग रहते हैं। वह ‘हिंदू स्वाभिमान’ संस्था और ‘धर्म सेना’ नामक संगठन भी चलाते हैं, जिसमें हिंदू युवाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाता है। 2021 में उन्हें जूना अखाड़ा द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई थी। यति नरसिंहानंद का यह कदम एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ले आया है। देखना होगा कि उनकी चिट्ठी पर सरकार क्या प्रतिक्रिया देती है।

Advertisementspot_img

Also Read:

इज़रायल में खुला रोजगार का सुनहरा अवसर, PM मोदी और नेतन्याहू ने 50,000 भारतीयों को नौकरी देने का किया ऐलान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत और इज़रायल के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों में एक बड़ा मोड़ आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इज़रायली...
spot_img

Latest Stories

शाश्वत नाम का मतलब- Shashwat Name Meaning

शाश्वत नाम का मतलब – Shashwat Name Meaning: Infinite/अनंत Origin...

कब रखा जाएगा शीतला सप्तमी का व्रत? जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। शीतला सप्तमी का व्रत हिंदू...

FD Scheme: एफडी कराने की सोच रहे हैं तो पत्नी के नाम से कराएं, हो जाएंगे मालामाल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जैसे जैसे निवेश के नए नए...

T20 WC Final: भारत की जीत से बौखलाए शोएब अख्तर, BCCI पर लगा दिए गंभीर आरोप

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 8 मार्च की रात जब भारत...

पश्चिम बंगाल चुनाव महज 3 चरणों में कराने की मांग, BJP ने चुनाव आयोग से की अपील

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा...

‘धुरंधर 2’ ने रिलीज से पहले ही कर लिया काफी कलेक्शन, जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर'...

Travel Tips: Manali और Kasol में कौन है बेस्ट, ट्रिप से पहले पढ़ें जरूरी टिप्स

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप इस वीकेंड घूमने के...