नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में RO/ARP और UP PSC की परीक्षा के लिए लोक सेवा आयोग (UPPSC) दफ्तर के बाहर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि वन डे वन शिफ्ट में परीक्षा हो और सरकार द्वारा लाए गए नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। इस सब के बीच खबर है कि प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने जबरन हटाया है।
छात्राओं का आरोप- कोई महिला पुलिस नहीं थी
आज 14 नवंबर की सुबह छात्रों के प्रदर्शन के दौरान धरनास्थल पर अचानक पुलिस फोर्स पहुंची और कुछ छात्रों को घसीट कर ले गई। धरने का नेतृत्व कर रहे नेता आशुतोष पांडे भी शामिल थे। खींचातान में प्रदर्शन कर रही कई छात्राएं चोटिल हो गईं। छात्राओं का कहना है कि पुलिसकर्मियों में कोई महिला नहीं थीं और उनके साथ अभद्रता हुई है।
डीसीपी अभिषेक भारती का बयान
प्रयागराज के डीसीपी अभिषेक भारती ने कहा है कि छात्र राज्य PSC के खिलाफ पदर्शन कर रहे हैं। छात्रों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे अपना प्रदर्शन संवैधानिक तरीके से करें और उनकी मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
डीसीपी ने बताया कि बुधवार 13 नवंबर को असामाजिक तत्वों से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, इसके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि प्रदर्शन छात्रों का है लेकिन इसमें कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जो छात्र नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
क्यों नॉर्मलाइज प्रक्रिया से नाखुश है छात्र ?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि नॉर्मलाइज प्रक्रिया उनके लिए अनुचित है और इससे उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है। छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप के तहत परीक्षा की प्रक्रिया में किए गए बदलावों की वजह से उनकी रैंकिग और चयन पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा उनका कहना है कि अभ्यर्थियों के लिए एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए ताकि परिक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता रहे। छात्र कह रहे है कि आयोग 7 और 8 दिसंबर को RO/ARO के 411 पदों पर परिक्षा 41 जिलों में आयोजित कर रहा है मगर परिक्षा को 75 जिलों में एक ही दिन एक ही शिफ्ट में आयोजित किया जाना चाहिए।




