मुम्बई / रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के एक हफ्ते बाद भी महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। एकनाथ शिंदे दिल्ली से मुंबई तो लौटे, लेकिन वहां से सतारा जिले स्थित अपने पैतृक गांव चले गए। उन्होंने मीडिया से कहा था कि सीएम को लेकर शुक्रवार यानी आज मुंबई में बैठक होगी, हालांकि उनके गांव जाने की वजह से ये बैठक रद्द हो गई। कहा जा रहा है कि अब ये बैठक रविवार को होगी। शिवसेना नेता का कहना है कि वह सरकार गठन में बाधा नहीं बनेंगे और अगले मुख्यमंत्री के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लिए गए फैसलों का पालन करेंगे।
महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर गतिरोध को खत्म करने के प्रयास में, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार सहित महायुति नेताओं के साथ 28 नवंबर की शाम को दिल्ली में मैराथन बैठक की। बैठक के बाद महाराष्ट्र के तीन शीर्ष नेताओं में से किसी ने भी मीडिया से बात नहीं की। शुक्रवार दोपहर को एकनाथ शिंदे के कार्यालय से जानकारी मिली है कि कार्यवाहक सीएम शिंदे सतारा में अपने पैतृक गांव दारे जाएंगे। वे शुक्रवार को तड़के दिल्ली से लौटे हैं।
सीएम पद को लेकर सस्पेंस बरकार
दरअसल, शिवसेना के भीतर अगली सरकार में शिंदे की भूमिका के बारे में अलग-अलग दृष्टिकोण उभर रहे हैं। महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी महायुति गठबंधन में सीएम पद को लेकर संस्पेंस बरकार है। सीएम को लेकर शिवसेना के कई नेता शिंदे से आग्रह कर रहे हैं कि अगर भाजपा द्वारा उपमुख्यमंत्री का पद दिया जाता है तो वे इसे स्वीकार कर लें। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि दूसरे गुट का मानना है कि ढाई साल से अधिक समय तक मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने के बाद उनके लिए नंबर 2 का पद स्वीकार करना उचित नहीं होगा।
शिंदे ने चर्चा को “अच्छा और सकारात्मक” बताया
उनका कहना है कि “भाजपा द्वारा अपने विधायक दल के नेता की घोषणा के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।” अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान, शिंदे ने शाह से मुलाकात की और राज्य में अगली सरकार के गठन पर चर्चा की। निवर्तमान राज्य मंत्रिमंडल में उनके सहयोगी देवेंद्र फडणवीस (भाजपा) और अजित पवार (राकांपा) ने भी वरिष्ठ भाजपा नेता से मुलाकात की थी। राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने चर्चा को “अच्छा और सकारात्मक” बताया।
इसी बीच शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने शुक्रवार को कहा कि अगर निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार नहीं करते हैं, तो यह पद उनकी पार्टी के किसी व्यक्ति को दिया जाएगा। पत्रकारों से बात करते हुए शिरसाट ने कहा कि एकनाथ शिंदे निश्चित रूप से केंद्रीय मंत्री के रूप में केंद्र में नहीं जाएंगे।
दिसंबर के पहले सप्ताह हो सकता है शपथ ग्रहण
सूत्रों से जानकारी मिली है कि गुरुवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिल्ली स्थित आवास पर महायुति नेताओं की बैठक में मुख्य रूप से मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा हुई। भाजपा जहां महत्वपूर्ण पदों को बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। सूत्रों ने यह भी बताया कि महायुति के प्रमुख नेता एकनाथ शिंदे, पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस, राकांपा नेता अजित पवार कैबिनेट मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देंगे और बाद में कोई घोषणा करने से पहले भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ एक और बैठक के लिए सोमवार को दिल्ली जाएंगे। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 7 दिसंबर को या उसके बाद आयोजित किया जाएगा।




