सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने CJI को लिखा पत्र, किसान आंदोलन का स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई का किया अनुरोध

Farmer Protest: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष आदिश अग्रवाल ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर किसान आंदोलन के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने CJI को लिखा पत्र, किसान आंदोलन का स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई का किया अनुरोध
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नई दिल्ली, (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष आदिश अग्रवाल ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर किसान आंदोलन के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। एससीबीए की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव से पहले हो रहा किसानों का प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित लगता है।

सुप्रीम कोर्ट इस मसले पर स्वत: संज्ञान लेकर सुनिश्चित करे

पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर की जा रही तमाम कोशिशों के बावजूद किसान दिल्ली में बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी में हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट इस मसले पर स्वत: संज्ञान लेकर सुनिश्चित करे कि प्रदर्शनकारी किसान कोई गड़बड़ी न करें और उनकी वजह से जनता को कोई दिक्कत न हो। एससीबीए अध्यक्ष ने कहा कि 2020-21 में किसानों के आंदोलन से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इसकी वजह से कई लोगों की मौत भी हो गई थी। आंदोलन के चलते किसी वकील के अदालत की कार्यवाही में भाग नहीं ले पाने पर उसके खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश जारी नहीं करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।

किसी वकील को कोर्ट आने में दिक्कत होती है तो इसकी जानकारी दें

उल्लेखनीय है कि किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आंदोलन की वजह से अगर किसी वकील को कोर्ट आने में दिक्कत होती है तो इसकी जानकारी दें, हम इसका ध्यान रखते हुए आगे के लिए समायोजित कर उस हिसाब से समय में बदलाव करेंगे।

किसानो का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है

किसानो का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है, किसानो ने रबर बुलेट से हमला शुरू कर दिया है। आज तक से न्यूज़ कवर कर रहे सत्येंद्र को भी माथे में रबर बुलेट लगा है। किसानों को अपनी मांग शांति से प्रोटेस्ट के माध्यम से करने का अधिकार है। लेकिन इस तरह के उपद्रव से उनका आंदोलन एक दंगे से ज्यादा और कुछ नहीं लगेगा। किसान नेताओं को उपद्रव करने वाले किसानों को समझाना चाहिए। इससे उनके आंदोलन को ही फर्क पड़ेगा। यह आंदोलन सिर्फ एक हंगामा बन कर रह जायेगा। किसान पुलिस पर पथरो से हमला कर रहे हैं। वहीं पुलिस भी जवाब में ड्रोन से आंसू गैस के गोले छोड़ रहे हैं। किसान किसी भी हाल में आगे बढ़ना चाह रहे हैं।

दिल्ली आने से रोकने के लिए सभी बॉर्डरों में किलेबंदी कर दी है

पुलिस ने किसानो को समझाया कि धारा 144 लगी हुई है, आप आगे नहीं बढ़ सकते हैं। लेकिन शंभु बॉर्डर में किसान पुलिस की बात मानने के लिए बिलकुल भी तैयार नहीं है। किसानों का पुलिस पर पथराव जारी है। किसानों को रोकने के लिए पुलिस जैसे ही ड्रोन से आंसू गैस छोड़ती है, किसान आंसू गैस का असर कम होते ही फिर से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं और पुलिस पर पथराव करते हैं।

वहीं दिल्ली पुलिस ने सभी बॉर्डरों में मल्टी बैरिकेडिंग कर दी है। दिल्ली पुलिस ने किसानो को दिल्ली आने से रोकने के लिए सभी बॉर्डरों में किलेबंदी कर दी है। हरियाणा सरकार से भी पत्र लिखकर किसानों को दिल्ली में प्रवेश न होने देने के लिए प्राथना की है।

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