नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की UAPA के तहत गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट ने आज अवैध करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि उन्हें जल्द रिहा किया जाए। न्यूजक्लिक पर आरोप है कि कंपनी के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ ने विदेश से फंडिंग ली है।
पुरकायस्थ की गिरफ्तारी और रिमांड अवैध
सुप्रीम कोर्ट में आज जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि पुरकायस्थ की गिरफ्तारी और रिमांड की कार्यवाही अवैध है। कोर्ट ने पुरकायस्थ की रिहाई का निर्देश दिया है। पुरकायस्थ का केस लड़ रहे सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील अर्शदीप खुराना ने ANI से कहा कि हमें ट्रायल कोर्ट के समक्ष जमानत बॉन्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। हम शुरु से ही कह रहे थे कि ये गिरफ्तारी अवैध है।
चाइना से जुड़ा था न्यूजक्लिक का लिंक
11 अक्टूबर, 2023 को CBI ने प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ फौरेन कॉन्ट्रिबयुशन रेगुलेशन एक्ट में अनियमितता के खिलाफ केस दर्ज किया। दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर, 2023 को प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को UAPA के तहत गिरफ्तारी किया था। द मिंट की खबर के अनुसार, पोर्टल की जांच के दौरान, दिल्ली पुलिस ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार विभाग के एक सक्रिय सदस्य, नेविल रॉय सिंघम पर धोखाधड़ी से न्यूजक्लिक को फंड देने का आरोप लगाया है। हालांकि, पोर्टल की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया है।
क्या है आरोप?
आपको बता दें कि न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को पटियाला हाउस कोर्ट ने 6 मई को जमानत दे दी थी। प्रबीर पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पिछले साल 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। FIR में पुरकायस्थ पर 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए एक समूह – पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (PADA) के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगा है।
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