नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा गुरुवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए बयान ने राजनीति और समाज में नई बहस छेड़ दी है। रोहिणी ने लिखा कि प्रत्येक बेटी का अधिकार है कि उसका मायका सुरक्षित और भरोसेमंद स्थान हो, जहां वह बिना डर, अपराधबोध, शर्म या किसी को स्पष्टीकरण दिए वापस आ सके। उनका यह संदेश बिहार में बेटी के अधिकार और परिवार में सुरक्षा की अहमियत को उजागर करता है।
शांभवी चौधरी का बड़ा बयान
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सांसद और जेडीयू नेता अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी ने कहा, “यह किसी भी परिवार का निजी मामला है और यदि कहीं ऐसा हो रहा है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन हम यह कह सकते हैं कि बेटियों का सम्मान सर्वोपरि है। जिस प्रकार बेटों को अधिकार मिलता है, उसी प्रकार बेटियों को भी मिलना चाहिए।
” शांभवी ने आगे कहा, “यह केवल राजनीतिक मामला नहीं है, बल्कि यह समाज की एक बड़ी चुनौती है। यह जानकर खुशी होती है कि लालू यादव के परिवार के लोग भी अब सुरक्षा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन की ओर देख रहे हैं।
सरकार संज्ञान में लेगी मामला: संजय झा का बयान
जेडीयू सांसद संजय झा ने रोहिणी आचार्य के बयान पर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सभी को सुरक्षा प्रदान करते हैं, खासकर महिलाओं को। उन्होंने कहा, यदि रोहिणी ने यह बात कही है, तो सरकार इसे संज्ञान में लेगी। हमने कभी किसी परिवार पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, लेकिन जब बेटी के अधिकार की बात आती है, बिहार में सरकार हमेशा सक्रिय रहती है। राजद के लोग भी सब देख रहे हैं और जनता भी देख रही है। नतीजे साफ कर चुके हैं कि उनकी राजनीति कितनी खोखली रही है।
सरकार की भूमिका और संज्ञान
जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा, नीतीश कुमार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील हैं। यदि रोहिणी ने अपनी चिंता जाहिर की है, तो निश्चित रूप से सरकार इसे गंभीरता से संज्ञान में लेगी। हमने कभी किसी परिवार पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, लेकिन बेटी के अधिकार की बात आते ही बिहार में सरकार की सक्रियता स्पष्ट रहती है। जनता देख रही है कि राजद की राजनीति कितनी खोखली है।




