गुवाहाटी, 06 जून (हि.स.)। कोरोना महामारी की चुनौतियों के बावजूद भारतीय रेल किसानों के उत्पादों को वृहत्तर बाजारों तक पहुंचाने में मदद कर उनकी आमदनी बढ़ाने की ओर नियमित रूप से कार्य कर रही है। किसानों को देश भर के बाजारों से सीधे सम्पर्क कायम रखने के क्रम में भारतीय रेल ने किसान ट्रेनों का परिचालन कर नष्ट होने वाले कृषि उत्पादों का नियमित परिवहन किया है। नई धाराओं के सामानों के परिवहन करने के लिए, विभिन्न राज्यों तथा केंद्रीय प्राधिकारियों, व्यापारियों, किसानों तथा निर्माताओं व उत्पादनकर्ताओं के बीच समन्वय कायम करने तथा उनकी आवश्यकतानुसार परिवहन तथा ढुलाई के समाधान के प्रावधान हेतु भारतीय रेल के सभी मंडलों तथा जोनल मुख्यालयों में व्यवसाय विकास इकाई (बीडीयू) की स्थापना की गई है। इसी तरह की एक पहल के तहत, लमडिंग मंडल की व्यवसाय विकास इकाई (बीडीयू) ने त्रिपुरा राज्य बागवानी विभाग, अगरतला क्षेत्र के व्यापारियों तथा किसानों से सम्पर्क कर कटहल, अनारस, नींबू तथा त्रिपुरा के अन्य कृषि उत्पादों को देश के विभिन्न भागों में वृहत्तर बाजारों तक तथा विदेशों में भी परिवहन के लिए किसान रेल की सेवाओं का सुझाव दिया। लमडिंग मंडल की बीडीयू के इस प्रयास के परिणामस्वरूप जून, 2021 से अगरतला से दिल्ली तथा चित्तपुर (कोलकाता) तक किसान रेलों का परिचालन आरम्भ किया जा रहा है। इसी बीच, हवाई मार्ग द्वारा यूनाइटेड किंगडम भेजने के लिए पूसी रेल त्रिपुरा के कटहलों का ट्रेन द्वारा अगरतला से गुवाहाटी तक परिवहन कर चुकी है। किसान रेल ट्रेनों में से ट्रेन सं. 00591 अगरतला-आदर्श नगर (दिल्ली) किसान रेल अगरतला से 11 तथा 25 जून, 9, 16, 23 तथा 30 जुलाई को शुक्रवार अपराह्न एक बजे रवाना होगी तथा रविवार अपराह्न 01.45 बजे आदर्श नगर, दिल्ली पहुंचेगी। सामानों की लोडिंग व अनलोडिंग के लिए यह ट्रेन अमबासा, कुमारघाट, धर्मनगर, न्यू करीमगंज, बदरपुर, लमडिंग, गुवाहाटी तथा प्रयागराज जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी। एक और ट्रेन सं. 00590 अगरतला-चितपुर किसान रेल अगरतला से 16 एवं 30 जून, 7, 14, 21 एवं 28 जुलाई को बुधवार अपराह्न एक बजे रवाना होगी तथा गुरुवार की रात 10 बजे चितपुर पहुंचेगी। सामानों की लोडिंग व अनलोडिंग के लिए यह ट्रेन अमबासा, कुमारघाट, धर्मनगर, न्यू करीमगंज, बदरपुर, लमडिंग, गुवाहाटी तथा न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशनों पर रुकेगी। उल्लेखनीय है कि भारतीय रेल ने दूध, मांस तथा मछली आदि सहित कृषि और नष्ट होने वाले उत्पादों के परिवहन के लिए किसान ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की है। किसान रेल के जरिए फलों तथा वनस्पतियों के परिवहन पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। किसान ट्रेनों के परिचालन का प्राथमिक उद्देश्य उत्पादन केंद्रों को बाजारों तथा उपभोक्ता केंद्रों से जोड़ कर कृषि क्षेत्र में आय बढ़ोत्तरी करना है। हिन्दुस्थान समाचार/ अरविंद/




