नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । इस साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई में मसूद अजहर के परिवार के टुकड़े-टुकड़े हो गए। इस सनसनीखेज खुलासे को जैश कमांडर मसूद इलियास ने कैमरे के सामने कबूल किया है। आतंकी कैंपों में अब खौफ का माहौल है।
भारत की सबसे बड़ी मार
पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर में आतंकवादी मसूद अजहर के परिवार के मारे जाने की रिपोर्ट पहले भी आई थी। लेकिन अब उसके ही खास आतंकी के कबूलनामे ने भारत के दावे पर मुहर लगा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, बहावलपुर स्थित आतंकी ठिकाने पर भारतीय सेना ने जोरदार प्रहार किया था, जिसमें मसूद का पूरा कुनबा खत्म हो गया।
जैश का ठिकाना तबाह
मसूद इलियास का यह बयान पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के लिए बड़ा झटका है। जैश-ए-मोहम्मद का यह टॉप कमांडर कबूल कर चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर स्थित मार्काज सुब्हान अल्लाह कॉम्प्लेक्स ही जैश का मुख्यालय था। अब सच सामने आने से पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में अजहर का कुनबा साफ
भारतीय मिसाइल हमलों में मसूद अजहर के 10 परिवारजन और 4 खास सहयोगी ढेर हो गए। मारे गए लोगों में अजहर की बहन, उसका पति और कई बच्चे भी शामिल थे। पाक मीडिया ने शुरुआत में 14 मौतों की रिपोर्ट दी थी, लेकिन बाद में खुद अजहर ने अपने पूरे परिवार के खत्म होने की पुष्टि की। यह 15 एकड़ का कॉम्प्लेक्स आतंकी ट्रेनिंग और कट्टरपंथ का अड्डा था।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत आधी रात को प्रहार
7 मई को रात 1:05 बजे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और POK में फैले 9 आतंकी ठिकानों पर धावा बोला। जैश, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के कैंप तबाह कर दिए गए। इनमें 4 साइटें पाकिस्तान के सियालकोट, मुरिदके और बहावलपुर और 5 POK में थी इनका भी भारतयी सेना ने ध्वस्त किया था। आतंकी साम्राज्य का सरगना मसूद अजहर UN द्वारा नामित ग्लोबल टेररिस्ट है।
कई बड़े आतंकी हमलों का गुनहगार
56 वर्षीय मसूद अजहर भारत के लिए लंबे वक्त से बड़ा खतरा रहा है। 2000 में जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना करने वाला अजहर कई बड़े आतंकी हमलों का गुनहगार है। इनमें 2001 का संसद हमला, 2008 का मुंबई हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस अटैक और 2019 का पुलवामा हमला शामिल है।
IC-814 से ऑपरेशन सिंदूर तक
1999 में IC-814 विमान अपहरण के बाद भारत ने मसूद अजहर को रिहा किया था, जिसके बाद वह पाकिस्तान में फिर से सक्रिय हो गया। उसका भाई अब्दुल रऊफ अजहर और कई रिश्तेदार जैश के हथियार ट्रेनिंग व ऑपरेशंस चलाते थे। ऑपरेशन सिंदूर ने इस पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ दी, जिसमें हाफिज मुहम्मद जमील और मोहम्मद यूसुफ अजहर जैसे बड़े आतंकी ढेर हो गए।





