नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वॉशिंगटन डीसी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात की। राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया है कि, अमेरिकी प्रशासन ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों में शामिल भारतीय जांच एजेंसियों की वांछित लिस्ट में शामिल तहव्वुहर राणा के भारत में प्रर्त्यापण की मंजूरी दे दी है। ट्रंप ने कहा कि मुंबई हमले का मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुहर राणा ‘बहुत बुरा’ व्यक्ति है और उसे सज़ा मिलनी चाहिए। पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक राणा इस समय अमेरिका के लॉस एंजिलिस के एक मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है।
डेविड हेडली के साथ मिलकर अटैक का प्लान बनाया
भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह मुंबई के 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा है। राणा वर्ष 2013 में अपने करीबी दोस्त डेविड कोलमैन हेडली के साथ मुंबई के हमले को अंजाम देने और डेनमार्क में अटैक का प्लान बनाने के आरोप में दोषी पाया गया है।
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि,पीएम मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर संयुक्त राज्य अमेरिका की एक सार्थक यात्रा पूरी की है। राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे टर्म के लिए शपथ लेने के बाद पीएम की यह पहली अमेरिका यात्रा है।
राणा की प्रत्यर्पण को लेकर क्या बोले ट्रंप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘‘आज मुझे यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि मैं तहव्वुर राणा को न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने के लिए भारत भेजने को मैं मंजूरी देता हूं। वह दुनिया का दुश्मन है, एक बुरा व्यक्ति है और मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है।’
कौन है तहव्वुर राणा?
पाकिस्तानी मूल का तहव्वुर हुसैन राणा कनाडाई नागरिक है, उसका जन्म पाकिस्तान में हुआ और वहीं परवरिश हुई। स्कूली शिक्षा के बाद उसने मेडिकल डिग्री हासिल किया, फिर बाद में पाकिस्तानी सेना की मेडिकल कोर में शामिल हो गया था।वहीं राणा की पत्नी भी पेशे से डॉक्टर थीं। साल 1997 में दंपति कनाडा देश में जाकर बसने का प्लान बनाया। कुछ साल रहने के बाद साल 2001 में कनाडा के नागरिक बन गए। साल 2009 में अपनी पुलिस गिरफ्तारी से बचने से पहले राणा ने अमेरिका के शिकागो में एक इमीग्रेशन और ट्रैवल एजेंसी (Immigration and Travel Agency)खोली।
अमेरिकी अदालत में बताया गया कि, शिकागो में डेविड कोलमैन हेडली और राणा की पुरानी दोस्ती फिर से ताजा होने लगी। कोर्ट में कहा गया कि, हेडली ने जब मुंबई पर हमले की साजिश रचने की तैयार कि तो वह 2006 से 2008 के बीच कई बार मुंबई आया करता था। किसी भी तरह की जांच से बचने के लिए हेडली ने राणा की ट्रैवल एजेंसी की एक ब्रांच मुंबई में ऑपन कर दी। कोर्ट को यह बताया गया कि, तहव्वुर राणा पाकिस्तान चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के इशारे पर ये सब कर रहा था। राण पाकिस्तानी चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े थे।





