नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में बड़ा आत्मघाती हमला हुआ। यह धमाका फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) हेडक्वार्टर के पास हुआ, जिसमें 10 लोगों की मौत और 33 लोग घायल हो गए। मरने वालों में पैरामिलिट्री फोर्स के 3 जवान भी शामिल हैं। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
दोपहर 12:03 बजे हुआ धमाका
भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजकर 3 मिनट पर यह विस्फोट हुआ। पुलिस के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां और दरवाजे तक चटक गए। घटना के बाद इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया और पुलिस व बचाव दल मौके पर पहुंच गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने घोषित की आपातकाल स्थिति
बलूचिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री बख्त मुहम्मद काकर ने शहर के सभी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी। डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को तुरंत ड्यूटी पर बुलाया गया है। घायलों का इलाज तेजी से किया जा रहा है।
CCTV फुटेज में बड़ा खुलासा
घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि एक हमलावर ने फ्रंटियर कॉर्प्स हेडक्वार्टर के सामने चलते वाहनों के बीच खुद को उड़ा लिया। इसके बाद उसके साथी हेडक्वार्टर में घुसने की कोशिश करते नजर आए। वहां सुरक्षाबलों और हमलावरों के बीच गोलीबारी भी हुई, जिसमें 4 हमलावर मारे गए।
कौन है हमले के पीछे?
बलूचिस्तान लंबे समय से विद्रोही गतिविधियों का गढ़ रहा है। यहां बलूच विद्रोही गुटों के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट खुरासान (IS-K) भी सक्रिय है। ऐसे में यह देखना होगा कि इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी आखिर कौन सा गुट लेता है। यह हमला पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना और सरकार ने बलूचिस्तान के खनिज भंडार को लेकर अमेरिका के साथ साझेदारी की बात की थी। ऐसे समय में हुआ यह बड़ा धमाका पाकिस्तान की सुरक्षा और सेना की रणनीति पर भी सवालिया निशान छोड़ गया है। क्वेटा का यह हमला न सिर्फ पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा को झकझोरता है, बल्कि बलूचिस्तान में बढ़ती अस्थिरता की ओर भी इशारा करता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिरकार इस हमले की जिम्मेदारी कौन सा संगठन लेता है।





