नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इजरायल लेबनान में हिजबुल्ला और फिलिस्तीन में हमास से बीते सवा साल से युद्ध लड़ रहा है। हमास और हिजबुल्ला दोनों ही आतंकी संगठन ईरान के बड़े समर्थक है। लेकिन इस बीच इजरायल को बिना कुछ ज्यादा किए एक बड़ी सफलता मिल गई है। दरअसल सीरिया का तख्तापलट इजरायल के लिए एक बड़ी सफलता हैं। विद्रोहियों ने सीरिया में सिर्फ 13 दिनों के अंदर बशर-अल-असद सरकार का तख्तापलट कर दिया। बशर-अल-असद सरकार को ईरान का बड़ा समर्थक माना जाता था। इसके बाद अब विद्रोहियों ने दमिश्क समेत सीरिया के बड़े शहरों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस बीच इजरायल ने भी मौका पाते ही सीरिया के गोलान हाइट्स वाले इलाकों में हमला करके उस पर अपना कब्जा जमा लिया है।
“सीरिया में हुए तख्तापलट से इजरायल को फायदा हो सकता है”
इस तरह से इजरायल ने बिना ज्यादा मेहनत किए ही ईरान के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल कर ली है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने बीते दो दिनों में सीरिया में 480 के करीब हमले किए हैं। इजरायल दावा कर रहा है कि उसने सीरिया की नेवी को तबाह कर दिया है। बशर-अल-असद सरकार के तख्तापलट को भी बेंजामिन नेतन्याहू अपनी बड़ी जीत के रूप में प्रचार कर रही है। बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि सीरिया में हुए तख्तापलट से इजरायल को बड़ा फायदा हो सकता है। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल ने जिस प्रकार हिजबुल्ला, हमास और ईरान को रोका था। उसके ही कारण सीरिया में बशर-अल-असद सरकार का तख्तापलट हुआ है। बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि हम अपने वादे के अनुसार मीडिल ईस्ट का चेहरा बदलने में लगे हुए हैं।
“हमने सीरिया में जमा किए गए हथियारों को नष्ट किया”
इजरायल की सेना ने सीरिया में हमलों को लेकर कहा है कि हमने बीते 48 घंटों में सीरिया में 480 हमले किए हैं। हमने सीरिया में जमा किए गए हथियारों को निशाना बनाकर नष्ट किया है। हमारा सीरिया में हमले का मकसद यह है कि वहां जमा किए हथियार उग्रवादियों के हाथ न लग पाएं।




