नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका एक बार फिर चांद मिशन को लेकर चर्चा में है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA अपने महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन को लॉन्च करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि यह मिशन 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च किया जा सकता है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो करीब 54 साल बाद इंसान फिर से चांद के पास पहुंचेंगे।
चार अंतरिक्ष यात्री होंगे मिशन का हिस्सा
इस ऐतिहासिक मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen। ये सभी फिलहाल फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में ट्रेनिंग कर रहे हैं। यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें पहली बार एक महिला, एक अश्वेत और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री चांद के करीब जाएंगे।
क्या है आर्टेमिस-2 मिशन
आर्टेमिस-2, नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का दूसरा मिशन है। इससे पहले Artemis I 2022 में सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। यह एक मानवरहित मिशन था, जबकि आर्टेमिस-2 में इंसान चांद के पास जाएंगे। हालांकि, यह मिशन चांद पर लैंड नहीं करेगा, बल्कि उसकी कक्षा में घूमकर वापस लौट आएगा।
कैसे होगा मिशन पूरा
यह मिशन Space Launch System (SLS) रॉकेट और Orion spacecraft के जरिए लॉन्च किया जाएगा। मिशन की अवधि लगभग 10 दिन होगी। इसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के उस हिस्से से भी गुजरेंगे, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता। इस मिशन में इस्तेमाल किया जा रहा ओरायन अंतरिक्ष यान चांद पर उतरने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है। नासा भविष्य के मिशन में लूनर लैंडर का इस्तेमाल करेगा, जो अभी विकास के चरण में है।
क्या है मिशन का लक्ष्य
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, नई तकनीकों का परीक्षण करना और भविष्य में चांद पर मानव मिशन के लिए तैयारी करना है। इसके अलावा, चांद के आसपास के वातावरण और अंतरिक्ष के मौसम का भी अध्ययन किया जाएगा। नासा की योजना आने वाले समय में चांद पर एक स्थायी बेस बनाने की है। इसके जरिए भविष्य में मंगल जैसे ग्रहों पर भी मानव मिशन भेजना आसान हो जाएगा। करीब 54 साल बाद अमेरिका का यह मिशन अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ सकता है। अगर आर्टेमिस-2 सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में इंसान फिर से चांद पर कदम रख सकता है।





