नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री Dinesh Trivedi को बांग्लादेश में भारत का नया हाई कमिश्नर नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है और बताया गया है कि वह जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।
दिनेश त्रिवेदी एक अनुभवी राजनेता हैं और केंद्र सरकार में रेल मंत्री के साथ-साथ स्वास्थ्य राज्य मंत्री जैसे अहम पद संभाल चुके हैं। उन्हें तीन दशक से ज्यादा का राजनीतिक अनुभव है, जो इस अहम कूटनीतिक भूमिका में काम आ सकता है।
भारत-बांग्लादेश संबंध सुधारने की जिम्मेदारी
उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भारत और Bangladesh के बीच रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिशें चल रही हैं। हाल के समय में दोनों देशों के संबंधों में कुछ तनाव देखा गया था, जिसे अब संतुलित करने की जरूरत है।
बताया जा रहा है कि दिनेश त्रिवेदी की पश्चिम बंगाल से जुड़ी पृष्ठभूमि और क्षेत्रीय समझ इस भूमिका में अहम साबित हो सकती है। इससे सीमावर्ती मुद्दों और द्विपक्षीय सहयोग को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।
कूटनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा फैसला
आमतौर पर इस तरह के पदों पर भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन इस बार एक वरिष्ठ राजनेता को जिम्मेदारी दी गई है। इसे भारत की कूटनीतिक रणनीति में बदलाव के तौर पर भी देखा जा रहा है।
दिनेश त्रिवेदी, Pranay Verma की जगह लेंगे, जिन्हें अब बेल्जियम और यूरोपीय संघ में भारत का राजदूत बनाया गया है।
Dinesh Trivedi का राजनीतिक सफर
दिनेश त्रिवेदी 2009 से 2019 तक पश्चिम बंगाल की बैरकपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे। इससे पहले वह 1990-96 और 2002-08 के बीच राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।
साल 2012 में रेल बजट के दौरान यात्री किराया बढ़ाने के उनके प्रस्ताव ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। उस समय ममता बनर्जी ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया, जिसके बाद त्रिवेदी को रेल मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। बाद में टीएमसी ने मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाया।




