नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। कोलकाता में लेडी डॉक्टर के साथ रेप-मर्डर केस के बाद से आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष सवालों से घिरे हुए हैं। CBI लगातार ही घोष के काले कारनामों की सच्चाई पता लगाने और सबूत इकट्ठा करने में लगी हुई है। इस बीच साल 2017 में छपी एक रिपोर्ट तेजी से वायरल हो रही है। वायरल हो रही रिपोर्ट 2017 में हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में छपी थी।
संदीप घोष पर नर्सिंग के एक पुरुष छात्र को गलत तरीके से छूने का आरोप
साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट की रिपोर्ट में नर्सिंग के एक पुरुष छात्र को गलत तरीके से छूने का आरोप ऑर्थोपेडिक सर्जन संदीप घोष पर लगाया गया था। मीडिया रिपोर्ट के की माने तो, नर्सिंग स्टूडेंट ने अपनी शिकायत कर आरोप लगाया था कि संदीप घोष ने उसके नितंबों को थपथपाया और उसके प्राइवेट पार्ट्स को छूने की कोशिश की थी। फिर उन्होंने छात्र से पूछा भी था कि उसको कैसा लग रहा है? जब स्टूडेंट ने मामले की शिकायत की तो संदीप घोष ने अपने खिलाफ शिकायत को गलतफहमी बताया और कहा कि कि वह दिखा रहे थे कि कंधे की हड्डी कैसे ठीक की जा सकती है फिर घोष ने मेल नर्स के नितंबों को गलती से छू लिया था।
विदेशी यात्रा के दौरान घोष को कानूनी केस का सामना करना पड़ा था
अभी इस बात की पुष्टी या सफाई नहीं आई है कि इस रिपोर्ट में आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का ही जिक्र है या फिर ये कोई दूसरे संदीप घोष भी हो सकते हैं। पश्चिम बंगाल Orthopedic Association ने कहा कि वह रिपोर्ट की जांच कर रहे हैं। कुछ सदस्यों ने बताया कि एक बार घोष को विदेश में अपनी एक यात्रा के दौरान कानूनी केस का सामना करना पड़ा था। पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल ने घोष को कारण बताओ नोटिस जारी करके 72 घंटे में जवाब मांगा था।
Medical Council संदीप घोष का रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकती है
सूत्रों के अनुसार, अगर घोष 72 घंटों के अंदर कारण बताओ नोटिस का कोई जवाब नहीं देते हैं तो शंका है कि Medical Council उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकती है। ऐसे में अब देखना होगा कि मेडिकल काउंसिल अब घोष के प्रति क्या कदम उठाती है?
घोष के खिलाफ दो केसों पर जांच कर रही है CBI
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े होने के आरोप में डॉक्टर संदीप घोष फिलहाल CBI की गिरफ्त में हैं। CBI घोष के खिलाफ दो केसों पर जांच कर रही है। जिसमें से एक मामला महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या का है। वहीं दूसरा मामला घोष के कार्यकाल के दौरान आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। घोष को अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े होने के आरोप के मामले में गिरफ्तार भी किया गया था।





