नई दिल्ली/रफ्तार न्यूज। पिछले महीने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ रेप व हत्या के मामले में पीड़िता के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए लोगों का प्रदर्शन अभी भी जारी है। इसी बीच बुधवार को पीड़िता के परिजनों ने एक बड़ा दावा करके सबको हैरान कर दिया है। महिला डॉक्टर के परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि कोलकाता पुलिस ने उनकी बेटी के शव का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में करके मामले को दबाने के लिए उन्हें पैसे देने की कोशिश की।
परिजनों को शव देखने की अनुमति नही दी
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता रेप मर्डर पीड़िता के परिजनों ने दावा किया कि कोलकाता पुलिस ने शुरू से ही इस मामले को बदाने की कोशिश की। पहले परिजनों को शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। फिर पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के दौरान उन्हें पुलिस स्टेशन में इंतजार करना पड़ा। जब परिजनों को शव सौंपा गया तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने उन्हें पैसे देने की कोशिश की, जिसे परिजनों ने तुरंत अस्वीकार कर दिया।
पीड़िता के परिजनों ने ममता बनर्जी पर हमला बोला था
पीड़िता के परिजनों ने बुधवार की रात को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों के द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग की। इससे पहले डॉक्टरों ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल से इस्तीफे की मांग की थी।
बता दें कि, पीड़ित के परिजनों ने इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी हमला बोला था। दरअसल ममता बनर्जी ने बयान दिया था कि पीड़ित परिवार न्याय नहीं चाहता। जिसपर पीड़िता की मां ने ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा था कि ममता बनर्जी कह रही हैं कि पीड़िता का परिवार न्याय नहीं चाहता। लेकिन ममता बनर्जी की खुद कोई बेटा-बेटी नहीं है, इसलिए वो एक बच्चा खोने के दर्द को वो नहीं समझती। उनके बयान से हमें काफी तकलीफ हुई है।
लाइट बंद कर सड़कों पर कैडल मार्च निकाला
बता दें कि, कोलकाता में बुधवार की शाम को आम लोगों ने जबरदस्त एकजुटता दिखाते हुए एक बड़ा प्रदर्शन किया। महिला डॉक्टर से रेप व हत्या के विरोध में यहां के निवासियों ने 9 बजे से 10 बजे तक एक घंटे के लिए अपने घरों की लाइटें बंद कर दी और सड़कों पर कैंडल मार्च निकाला।




