नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस में ट्रैफिक पुलिस वालंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया था। CBI ने उसकी मनोवैज्ञानिक (साइको एनालिटिक प्रोफाइल) जांच कराई, जिससे पता चला कि वह एक खतरनाक पशु प्रवृति का यौन विकृत व्यक्ति है, जबकि उसकी साधारण छवि थी। उसके जानने वाले उसे बहुत सीधा इंसान बताते थे। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट CBI से पूछताछ कर रही है और संजय रॉय का स्टेटस रिपोर्ट पेश कर रही है।
मनोवैज्ञानिकों की टीम ने कि संजय से पूछताछ
31 वर्षीय संजय रॉय से पूछताछ करने मनोवैज्ञानिक की टीम आई है। पूछताछ के दौरान उसने बिना किसी डर या पछतावे के घटना का विवरण दिया। जांच के लिए आए विशेषज्ञों ने उसके बयानों की तुलना पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट से की।
पीड़िता के नाखूनों में पाए गए खून संजय के हाथों के चोट से मेल खाता है
CBI के अनुसार, संजय रॉय की घटनास्थल पर मौजूदगी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से साबित हुई है, लेकिन वे DNA रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले, पुलिस ने कहा था कि पीड़िता के नाखूनों के नीचे पाए गए खून और त्वचा के निशान संजय रॉय के हाथों की चोटों से मेल खाते हैं।
संजय रॉय को सुबह 4 बजे अस्पताल परिसर में प्रवेश करते हुए देखा गया
CCTV फुटेज में रॉय को 8 अगस्त की रात 11 बजे अस्पताल के चेस्ट डिपार्टमेंट के पास देखा गया था। पीड़िता उस समय अन्य जूनियर डॉक्टरों के साथ वॉर्ड में थी। संजय रॉय को कुछ देर तक उन्हें घूरते हुए भी देखा गया। सुबह 2:30 बजे पीड़िता सोने गई थी, और रॉय को फिर सुबह 4 बजे अस्पताल परिसर में प्रवेश करते देखा गया। जांचकर्ताओं का मानना है कि वह सेमिनार हॉल में पहुंचा, जहां पीड़िता सो रही थी।
पहली बार होगा संजय रॉय का वकीलों का सामना
संजय रॉय को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पहली बार वकीलों से उसका सामना होगा। पिछली सुनवाई के दौरान कोई वकील उसका प्रतिनिधित्व करने को तैयार नहीं था, इसलिए CBI वर्चुअल सुनवाई पर विचार कर रही है।




