नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर में उत्सुकता चरम पर है। आम जनता से लेकर उद्योग जगत तक, हर वर्ग की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए क्या बड़े ऐलान करती है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक बार फिर संसद में बजट पेश कर सकती हैं और अगर ऐसा होता है, तो यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। इसी बीच बजट से जुड़ा एक दिलचस्प सवाल अक्सर लोगों के मन में आता हैभारत के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण किसने दिया है और वह कितनी देर चला था?
भारत के बजट इतिहास में सबसे लंबा बजट भाषण
भारत के बजट इतिहास में सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम दर्ज है। उन्होंने वर्ष 2020 में संसद में करीब 2 घंटे 42 मिनट तक लगातार बजट भाषण दिया था, जिसे अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण माना जाता है। खास बात यह है कि इस दौरान उन्होंने खुद अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। इससे एक साल पहले, यानी 2019 में, उन्होंने 2 घंटे 17 मिनट का बजट भाषण दिया था। इन दोनों बजट भाषणों ने बजट इतिहास में नई मिसाल कायम की।
निर्मला सीतारमण का भाषण सिर्फ 56 मिनट का था
हालांकि हाल के वर्षों में उनके भाषणों की अवधि अपेक्षाकृत कम रही है। वर्ष 2024 के अंतरिम बजट में निर्मला सीतारमण का भाषण सिर्फ 56 मिनट का था, जो उनके कार्यकाल का सबसे छोटा बजट भाषण माना जाता है। वहीं 2025 के बजट में उन्होंने करीब 1 घंटे 17 मिनट तक संसद को संबोधित किया था। इससे साफ है कि समय के साथ बजट भाषणों की शैली और अवधि में बदलाव आया है।
1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह का भाषण
अगर बजट भाषण की लंबाई को समय नहीं बल्कि शब्दों की संख्या के आधार पर देखा जाए, तो यह रिकॉर्ड किसी और के नाम दर्ज है। साल 1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में करीब 18,650 शब्दों का बजट भाषण दिया था, जो अब तक शब्दों के लिहाज से सबसे लंबा बजट भाषण माना जाता है। यह वही बजट था, जिसने देश में आर्थिक सुधारों की नींव रखी थी। इस सूची में दूसरा स्थान साल 2018 के बजट का है, जब तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने करीब 18,604 शब्दों का बजट भाषण दिया था।
अब सबकी निगाहें बजट 2026 पर टिकी हैं
कुल मिलाकर, भारत के बजट इतिहास में कभी समय के लिहाज से तो कभी शब्दों की संख्या के लिहाज से लंबे भाषण देखने को मिले हैं। अब सबकी निगाहें बजट 2026 पर टिकी हैं कि क्या इस बार भी कोई नया रिकॉर्ड बनेगा या वित्त मंत्री अपने भाषण को संक्षिप्त और प्रभावी रखने पर जोर देंगी।





